गोपालगंज: करीब ढाई साल के बाद जेल में बंद सतीश पाण्डेय और मुकेश पाण्डेय को कोर्ट ने किया बरी

गोपालगंज के हथुआ थाने के रुपनचक गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश विष्णुदेव उपाध्याय के न्यायालय ने पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष मुकेश पाण्डेय, उनके पिता सतीश पाण्डेय और बटेश्वर पाण्डेय को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। करीब ढाई साल से तीनों आरोपित कारा में बंद थे। लोक अभियोजनक देववंश गिरि उर्फ भानू गिरि और बचाव पक्ष के अधिवक्ता उदय कुमार पांडेय ने इस बात की जानकारी मंगलवार को दी।

लोक अभियोजक ने बताया कि 24 मई 2020 को शाम हथियारों से लैस होकर दो मोटरसाइकिल से आए अपराधियों ने रुनपचक गांव में जयप्रकाश यादव उर्फ जेपी यादव को गोली मारकर जख्मी कर दिया और उनके पिता महेश चौधरी, उनकी मां सनकेशिया देवी व बड़े भाई शांतनु यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना को लेकर जख्मी जेपी यादव के बयान पर तत्कालीन कुचायकोट के जदयू विधायक अमरेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, उनके बड़े भाई सतीश पांडेय, भतीजा सह तत्कालीन जिला परिषद अध्यक्ष मुकेश कुमार पांडेय, बटेश्वर पांडेय के खिलाफ हथुआ थाने में कांड संख्या 43/2020 दर्ज किया गया। मामले में जांच के दौरान कुचायकोट विधायक की हत्याकांड में संलिप्तता नहीं पाए जाने पर आईओ ने उनका नाम केस से हटा दिया है। वहीं, इस चर्चित हत्याकांड के अनुसंधान के बाद अन्य तीनों आरोपितों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्षियों के बयान से अभियुक्तों की घटना में सम्मिलित होने की पुष्टि नहीं हुई। जिसके बाद न्यायालय ने तीनों आरोपितों को बरी कर दिया। लोक अभियोजक देववंश गिरी उर्फ भानु गिरी ने बताया कि सभी गवाह, जख्मी, सूचक तथा स्वतंत्र गवाह पक्षद्रोही घोषित कर दिए गए।

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