गोपालगंज के कुचायकोट स्थित सिपाया कृषि विज्ञान केंद्र में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

गोपालगंज के कुचायकोट प्रखंड के कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा किसान जागरूकता अभियान के अंतर्गत उर्वरकों के संतुलित उपयोग विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ रामकृष्ण राय ने किया।

डॉ रामकृष्ण राय ने किसानो को संबोधित करते हुए कहा कि मिट्टी का उर्वकता बढ़ाये रखने के लिए उर्वरकों का सन्तुलित उपयोग बेहद जरूरी है। उर्वरक के संतुलित उपयोग के लिए मिट्टी जांच जरूरी होता है जो हमे जानकारी देता है कि खेत को किस उर्वरक का कितने मात्रा में आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि हमारे देश मे प्रतिवर्ष 34 मिलियन टन पोषक तत्व का दोहन होता है जबकि हम सिर्फ 26 मिलियन टन पोषक तत्व मिट्टी में देते हैं। इस प्रकार से मिट्टी में प्रतिवर्ष 10 मिलियन टन की कमी हो जाती है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड अनुशंसा अनुसार उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए।

इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिक संजय कुमार और डॉ अमित विसेन ने विभिन्न उर्वरकों के लाभ, फसल के हिसाब से उर्वरक का डोज और मिट्टी जांच के लिए मिट्टी सैम्पल लेने का तरीका के बारे में बताया। वैज्ञानिक नवीन कुमार ने उर्वरक को उचित मात्रा में खेत में डालने के लिए उपलब्ध उन्नत कृषि यंत्रों पर भी चर्चा किया। वही फार्म मैनेजर रविकांत कुमार ने किसान भाई-बहनों को मिट्टी जांच लैब का भ्रमण कराया और मिट्टी सैम्पल लेने के तरीकों को दिखाया।

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