अलीगढ़ और हापुड़ में सांप्रदायिक तनाव, दोनों जगहों पर धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर भिड़े दो समुदाय

यूपी में सांप्रदायिक तनाव अपने चरम पर है। ताजा मामला अलीगढ़ का है जहां एक धार्मिक स्थल के गुंबद के निर्माण को लेकर तनाव फैल गया है जिसके बाद भारी पुलिस तैनात की गई है। जानकारी के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया था कि दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट की। दोनों समुदाय के लोगों ने एक दूसरे पर जमकर पत्थर फेंके। अलीगढ़ के बेहद ही संवेदनशील माने जाने वाले इलाके फूल चौक में माहौल उस वक्त और भी ज्यादा खराब हो गया जब एक निर्माणाधीन मस्जिद के गुंबद को लेकर बवाल शांत करने पहुंची पुलिस पर एक पक्ष ने पथराव और फायरिंग कर दी। पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया है। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

अलीगढ़ कोतवाली इलाके के फूलचौक प्याऊ के पास मस्जिद में निर्माण चल रहा है। पास में ही राजकुमार वर्मा का मकान है। शुक्रवार को उन्होंने मस्जिद में बनाए गुंबद का यह कहते हुए विरोध किया कि उसका कुछ हिस्सा मकान उनके ऊपर आ रहा है। विरोध के बाद भी निर्माण नहीं रुका तो राजकुमार ने स्वर्णकार कमेटी के अध्यक्ष रवि वर्मा को बताया। शाम को सराफा व्यवसायी व हिंदूवादी लोग पहुंच गए और हंगामा हो गया। कुछ ही देर में दोनों संप्रदाय के लोग जमा हो गए। बड़ी संख्या में पुलिस लेकर अधिकारी भी पहुंच गए। दोनों पक्षों से बात की। हिंदूवादियों का कहना था कि गुंबद को रातोंरात तैयार किया गया है। इसे तत्काल हटाया जाए।

अलीगढ़ के अलावा यूपी के हापुड़ के सिंभावली क्षेत्र के गांव देवली में धार्मिकस्थल के पुनरुद्धार को लेकर दो समुदायों के बीच जमकर पथराव और दुकान में तोडफ़ोड़ की गई। पथराव में तीन महिला सहित 11 लोग घायल हो गए। तनाव के मद्देनजर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। गांव में एक समाज विशेष का धार्मिकस्थल है। झारखंड के मूल निवासी जहांगीर आलम इसके धर्मगुरु हैं। शुक्रवार को धार्मिक स्थल में निर्माण कार्य की तैयारियां की जा रही थीं। दोपहर में बाहर से आए कुछ लोगों ने धर्मगुरु के साथ मारपीट कर दी। बचाव में आई उनकी पत्नी, बच्चों व पड़ोसी की भी पिटाई की गई। धार्मिकस्थल में तोडफ़ोड़ भी की। जमकर पथराव हुआ। इसमें 11 लोग घायल हो गए। इस दौरान एक दुकान में कुछ लोगों ने तोडफ़ोड़ की। दोनों समुदाय के लोगों के बीच मारपीट और पथराव की सूचना पर पुलिस बल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत करवाया।   योगी सरकार भले ही यूपी की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही हों लेकिन उत्तर प्रदेश का माहौल में कोई बदलाव नहीं आया है, कभी दलितों पर अत्याचार की खबरें तो कभी सांप्रदायिक तनाव से जुड़ी खबरों से उत्तर प्रदेश में डर का मौहौल है।

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