गोपालगंज: जीवन के अंतिम पड़ाव में वृद्ध दंपत्ति फटे पुराने कपड़ों का टेंट बनाकर कर रहे गुजारा

गोपालगंज: आजकल हाड़कपां देने वाली ठंड के बीच जहां ठंड से बचने के लिए कहीं अलाव जलाए जा रहे हैं, तो कई जगहों पर कंबल भी वितरित किए जा रहे हैं। वहीं आवश्यक कार्य होने पर हीं लोग अपने घरों से निकल रहे हैं। नहीं तो ठंड के कारण ज्यादातर लोग अपने अपने घरों में दुबके हुए हैं। इसी कंपकपाती ठंड में प्रखंड के सोहनरिया बाजार में अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में वृद्ध दंपत्ति फटे पुराने कपड़ों का टेंट बनाकर जीने को मजबूर है।

बताया जाता है कि सिवान जिले के धुरौंधा निवासी उमाशंकर साह का 40 वर्ष पहले पूर्व प्रमुख दीनानाथ पाठक से पटना जाने के क्रम में धुरौंधा बाजार में मुलाकात हुआ। गाड़ी के ड्राइवर स्वर्गीय आस मोहम्मद के आग्रह पर उक्त व्यक्ति अपने पत्नी के साथ जीवन यापन के उद्देश्य से सोहनरिया बाजार आए और यही रह गए। उक्त दंपति अपने जीवन काल में चाय समोसा का दुकान चलाया। लेकिन अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में फटे पुराने कपड़ों के टेंट बनाकर समय काटने को मजबूर हैं। दंपति को दो पुत्रियां एवं एक पुत्र हैं। दोनों बेटियों की शादी अपने जीवन की भर की कमाई से कर एक ऋण से मुक्त हुए। वही एक लड़का जो बेरोजगार जीवन जीने को मजबूर है।

बता दें कि अपने जिंदगी के अनमोल 40 वर्ष यहां गुजारने के बाद भी उक्त वृद्ध दंपति का नाम स्थानीय मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाया है और न ही इनके नाम से कोई आयुष्मान कार्ड है। साथ ही इनको राशन भी नहीं मिलता है। उक्त दंपति सरकारी लाभ से पूरी तरह वंचित है। कुछ दिन पहले एनजीओ द्वारा आयोजित नेत्र शिविर में इन दोनों के आंखों का इलाज किया गया। सोशल मीडिया द्वारा वृद्ध दम्पति की दयनीय स्थिति की जानकारी मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार चौबे ने उक्त दंपति से मुलाकात कर ठंड से बचने के लिए कंबल और बिस्तर उपलब्ध कराया। स्थानीय लोगों ने भी मुलाकात कर उनके हालात की जानकारी लिया और यथासंभव सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।

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