गोपालगंज: सारण बांध टूटते ही लोगो की टूटी उम्मीदे, बाढ़ पीडितो के आंसू पोछने वाला कोई नहीं

गोपालगंज में सारण बांध तीन जगह क्या टुटा। लोगो की उम्मीदे टूट गयी। यहाँ तिनका तिनका जोड़कर जिन घरो को लोगो ने बसाया था। अचानक बांध टूटने के बाद वे अपने आशियाने को युही गंडक में छोड़कर बाहर निकल गए। बाढ़ पीडितो के आंसू पोछने वाला कोई नहीं मिला। मिली तो सिर्फ बेबसी और अकेलापन।

गोपालगंज में गुरुवार को गंडक नदी पर बना सिर्फ तटबंध ही नहीं टुटा, यहाँ अरमान टूट गए। लोग अपने घरो में सोये हुए थे। तभी अचानक गंडक की तेज धारा उनके घरो में बहने लगी। लोग कुछ समझ पाते। खुद को संभाल पाते। इसके पहले ही गंडक उनके गाँव को घर को अपने चपेट में ले लिया। गोपालगंज के मांझागढ़ प्रखंड के पुरैना, बरौली के देवापुर और बैकुंठपुर के पकहा में अचानक रिंग बाँध गंडक के दबाव से ध्वस्त हो गया। इसके साथ ही गोपालगंज की करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित हो गयी। गोपालगंज के पुरैना पंचायत में बाढ़ की त्रासदी को दिखाने के लिए हमने प्रशासनिक अनुमति के बाद ड्रोन कैमरे का सहारा लिया। आप खुद देख सकते है की कैसे एक विशाल पेड़ गंडक की धारा से धराशायी हो गया। इस पेड़ के गिरने से गंडक की तेज धारा पुरैना के वार्ड नम्बर 03 के लिए वरदान साबित हुआ। पेड़ तो खुद गिर गया। लेकिन उनके घर को पानी के तेज बहाव से गिरने से रोक दिया। गोपालगंज में बाढ़ की त्रासदी की यह तस्वीर भयावह है।

हांलाकि डीएम अरशद अजीज ने दावा किया है की जिले में 20 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित है। पानी गांव से ज्यादा चवंर में फ़ैल रहा है। जो राहत की बात है। डीएम ने कहा की 5 साल तक के बच्चो को प्रतिदिन आधा लीटर दूध और बिस्कुट उपलब्ध कराये जायेंगे। जबकि गर्भवती महिलाओ को विशेष सुविधा दी जाएगी।

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