हां मैंने मूखर्तापूर्ण बयान दिए – हार्दिक पटेल

गुजरात में पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हार्दिक पटेल ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने स्‍वीकार किया है कि आंदोलन के दौरान उन्‍होंने विवादित बयान दिए, वे मूर्खतापूर्ण थे। हालांकि, उन्‍होंने अदालत से यह भी कहा कि हिंसा के बल पर चुनी हुई सरकार को नुकसान पहुंचाने की उन्‍होंने कभी कोशिश नहीं की।

हार्दिक पटेल के वकील कपिल सिब्‍बल ने अदालत में कहा, ‘ऐसे कुछ बयान दिए गए, जो नहीं दिए जाने चाहिए थे। ये मूखर्तापूर्ण थे। कुछ दुर्भाग्‍यपूर्ण घटनाएं हुईं, लेकिन गैर कानूनी तरीका अपनाकर सरकार को नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं किया गया। मैंने (हार्दिक पटेल) सिर्फ गुजरात सरकार आरक्षण नीति का विरोध किया।’

सिब्‍बल ने यह बात जस्टिस जेएस शेखर और जस्टिस रोहिंटन एफ नरिमन की बेंच के सामने कहीं। वह हार्दिक पटेल के खिलाफ 21 अक्‍टूबर को दर्ज हुई एफआईआर पर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जिरह कर रहे थे। इस एफआईआर में हार्दिक पटेल पर युवाओं को हिंसा के लिए भड़काने और सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। वैसे हार्दिक पटेल के देशद्रोह का एक और मामला चल रहा है, जिसमें उन पर आरोप है कि उन्‍होंने कार्यकर्ताओं से अपील की थी, ‘आत्‍महत्‍या मत करो, पुलिस को मारो’। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल इस समय जेल में हैं।

6 दिसंबर को फिर गिरफ्तार किए गए थे हार्दिक पटेल

भड़काऊ भाषण के मामले में छोड़े जाने के बाद हार्दिक पटेल को 6 दिसंबर को पुलिस ने फिर से गिरफ्तार की लिया था। इसके बाद अदालत ने उन्‍हें पुलिस हिरासत में भेज दिया था। यह मामला आरक्षण के लिए आंदोलन के दौरान सड़क जाम करने और हिंसा फैलाकर सरकार को अस्थिर करने से जुड़ा है।

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