Mon. Aug 26th, 2019

गोपालगंज बैंक ऑफ़ बरोदा के ब्रांच मैनेजर कि तानाशाही से ग्राहक परेशान

देश में जनता के बीच 8 दिसंबर से नोटबंदी को लेकर बैंको व एटीएम के बहार लंबी-लंबी कतारें देखि गयी, जो कि आज कुछ हद तक कम हो चुकी है। रूपये निकासी को लेकर आरबीआई के नियम भी बिच बिच में बदलते रहे। शुरुआती समय में बैंको में कैश नहीं होने के कारण कई बैंको ने एक दो दिनों तक ग्राहकों के खाता से निकासी पर रोक लगा दी थी की बैंक में कैश नहीं है।

आज गोपालगंज के बैंक ऑफ़ बरोदा के मैनेजर ने कैश कम होने की बात कह अपने ग्राहकों को 4000 रूपये ही खाता से देने की बात कही। जब की दूसरी तरफ बैंक मैनेजर ने ग्राहक की मज़बूरी को दरकिनार करते हुए अपने जानने वाले लोगो को 10000 रूपये व उससे ज्यादा रूपये का भी निकासी कराया। बैंक के काउंटर पर बैठा टेलर एक ही बात कहता रहा की मैनेजर साहब से अनुमति करा दीजिये हम भरी हुई रकम दे देंगे, और मैनेजर साहब भी ऐसा ही करते रहे। वही एक बूढ़ा किसान जो मात्र 8000 की निकासी के लिये मैनेजर के सामने गिड़गिड़ाता रहा लेकिन कैश कि कमी बता कर खाते से रुपया नहीं दिया गया।

मैनेजर ने कई लोगो की परेशानी देख शाम के समय बुलाया की कैश होगा तो आप लोगो को जो लिमिट राशि है 24000 रुपया उसके अंदर दे दूंगा। मैनेजर के कहने पे शाम 4 बजे के पहले वो दो चार लोग बैंक के अंदर मैनेजर के पास गये। मैनेजर साहब ग्राहक की परेशानी के बजाय अपने लोगो में मस्त थे। फिर वही सिलसिला मैनेजर साहब और टेलर के बीच वो लोग परेशान रहे इसी बीच एक ग्राहक को मैनेजर साहब के द्वारा बोला गया कि कैश है हम नहीं देंगे तो तुम क्या कर लोगे जाओ जो भी करना है कर लो और गार्ड को निर्देश दिया कि इन ग्राहकों को गेट से बहार निकालो

जहा एक तरफ पूरा देश नोटबंदी के बाद कैश की परेशानी झेल रहे है वही देश में कुछ बैंक मैनेजरों द्वारा काले धन को सफेद किया जा रहा है तो कुछ के द्वारा मजबूर लोगो पे तानासाही।

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