मोदी सरकार ने रद्द किए 11 हजार से ज्यादा एनजीओ

केंद्र की मोदी सरकार ने देश के लगभग ग्यारह हजार से ज्यादा गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) की मान्यता रद्द कर दी है. सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब ये एनजीओ इस साल जून के अंत तक अपने पंजीकरण के नवीकरण में असफल रहे थे.

बताया जा रहा है कि अब सरकार के द्वारा मान्यता रद्द किए जाने के बाद से ये एनजीओ विदेशों से कोई चंदा या धन नहीं ले पाएंगे.

केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मंत्रालय के द्वारा 11,319 गैर सरकारी संगठनों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है.

रजिस्ट्रेशन नवीकरण न कराने पर सख्ती

जिन एनजीओ का पंजीकरण रद्द किया गया है, उन्होंने इस साल 30 जून तक एफसीआरए के तहत पंजीकरण के नवीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था. उनके पंजीकरण की वैधता एक नवंबर, 2016 से समाप्त मानी जाएगी.

सूचना के मुताबिक इस सूची में करीब 50 अनाथालय, सैकड़ों स्कूल और संस्थान जैसे भारतीय सांख्यिकी संस्थान और समाज के वंचित बच्चों के लिए काम करने वाले प्रतिष्ठित एनजीओ शामिल हैं.

गौरतलब है कि साल 2015 में भी गृह मंत्रालय की ओर से लगभग दस हजार गैर सरकारी संगठनों के एफसीआरए पंजीकरण इसलिए रद्द किए गए थे, क्योंकि इन्होंने लगातार तीन साल के अपने सालाना रिटर्न दाखिल नहीं किए थे. इनमें से कई एनजीओ निष्क्रिय थे या किसी भी मामले में एफसीआरए पंजीकरण नहीं चाहते थे.

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