लोकआस्था से वैज्ञानिक तथ्यों की ओर है ‘सूर्योत्सव’ – जनक राम

लोकआस्था का महापर्व छठ सच में सूर्य का उत्सव है। साफ सफाई से लेकर पवित्रता और तपस्या का यह उत्सव है। आप देखेंगे कि इस उत्सव में हर वर्ग के लोग एक घाट पर होते हैं। अभी तक जो हम लोग परंपरा और आस्था से छठ व्रत करते हैं। सूर्योत्सव स्मारिक छठ के वैज्ञानिक, सामाजिक और धार्मिक महत्व को बताने में कारगर साबित होगा। उक्त बातें सांसद जनक राम ने स्मारिका का विमोचन करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि सूर्य से हमें निरंतर ऊर्जा मिलती है। प्रकृति से प्राप्त चीजों का उपयोग इसमें करते हैं। हमारे पूर्वजों ने सूर्य और प्रकृति के महत्व को पहले से समझ-बुझकर ही इस त्यौहार को मनाते हैं। आप देखेंगे कि सूर्य के बिना जीवन कल्पना ही नहीं की जा सकती है। अधूरी सी लगती है। अधिवक्ता उपेंद्र नाथ उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि सूर्य यानी जो देते है वह देवता है। सूर्य के महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ दिन सूर्य के दिखाई नहीं देने की स्थिति में पेड़ पौधे सुखने लगते हैं।

जागो गोपालगंज अभियान के संयोजक ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि छठ का व्रत काफी कठिन होता है। तप, तपस्या और त्याग का यह पर्व स्वस्थ, शरीर और मन के लिए काफी लाभदायक होता है। इस त्यौहार को दूसरे नजरिए से देखा जाए तो यह जन आंदोलन की तरह खुद से ही संचालित होता है। नगर परिषद पैक्स के अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जन के आस्था का पर्व छठ हर किसी के जीवन से जुड़ा हुआ है। इसमें अमीर-गरीब, जाति-पाति का भेदभाव मिट जाता है। कोई छोटा और कोई बड़ा नहीं होता है। वहीं सूर्य जीवन रक्षक के रुप में हमारे साथ सदैव रहते हैं।

सूर्योत्सव स्मारिका का प्रकाशन जिंदगी फाउंडेशन और उत्थान ट्रस्ट की ओर से किया गया है। कार्यक्रम में लायंस क्लब के परमात्मा सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ब्रम्हानंद राय, भाजपा नेता अमरेश सिंह, प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के सचिव कुंज बिहारी श्रीवास्तव आदि मंच पर थे। कार्यक्रम में ओमप्रकाश मिश्र, अभिषेक तिवारी, रीतेश तिवारी, ई. विमल कुमार, आफताब आलम, अब्दुल कादिर, सुमन कुमार सिंह, राजेश सिंह, अनिल कुमार श्रीवास्तव, गायक अजेंद्र पांडेय, लवली सिंह, अंजली आदि शामिल थीं।

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