गुजरात में डेंगू की चपेट में आए वी एस अस्पताल के 25 डॉक्टर, 5 की मौत

गुजरात के अहमदाबाद स्थित वी एस अस्‍पताल से एक चौकाने वाली खबर सामने आई है। म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित इस अस्पताल में हर छोटी-बड़ी बीमारी के लिये शहर और शहर के आस-पास के लोग आते हैं। मरीजों को डॉक्टरों से बेहतर इलाज के लिये काफी उम्मीद होती है लेकिन जरा सोचों कि अगर डॉक्टर ही बीमार पड़ जाए तो उनका इलाज कौन करेगा। डॉक्टर भी एक दो नहीं बल्कि पूरे 25।

यहां 25 डॉक्टर डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी से ग्रसीत है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल यहां इसी अस्‍पताल के 4 डॉक्‍टर भर्ती हैं जिनमें डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। पिछले दो महिनों में यहां के 25 डॉक्टरों को ही डेंगू के इलाज के लिए यहां भर्ती किया जा चुका है। ज्यादातर का इलाज हो चुका है लेकिन नए मामले सामने आते ही जा रहे हैं।

प्रशासन ने जांच की तो पता चला कि रेजिडेंट डॉक्‍टर्स अपने कमरों में गर्मी से निजात पाने के लिए वॉटर कूलर और एसी लगाते है। इनका पानी जमा होता है तो डेंगू के मच्छरों को अंडे देने के लिए उपयुक्त माहौल मिल जाता है। ऐसे ही पानी में ये मच्छर पनपते हैं। अब ऐसे डॉक्टरों को अस्‍पताल प्रशासन नोटिस दे रहा है। लेकिन डॉक्टर कहते हैं कि मच्छर पर तो किसी का जोर नहीं है।

पूरे शहर में डेंगू का कहर जारी है। इसी साल शहर में डेंगू और मलेरिया के 9000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं और पांच लोगों की मौत भी हो चुकी है। अब लोग जहां इलाज के लिए आते हैं वहां पर भी डेंगू का प्रकोप सामने आने से मेयर और म्युनिसिपल कमिश्नर भी दौरे पर आये। पिछले 10 दिनों से एक ऐक्शन प्लान बनाकर शहर में डेंगू को रोकने के लिए अभियान छेड़ रखा है लेकिन फिर भी अस्पताल मरीजों से पटे पड़े हैं।

शहर के मेयर गौतम शाह कहते हैं, ‘लोग ही ध्यान नहीं रखते, प्रशासन करे तो क्या करे।’ उनके मुताबिक डेंगू का कहर सबसे ज्यादा सुखी इलाकों में है जहां ज्यादातर पैसेवाले लोग रहते हैं। वो ये सोचते हैं इससे कुछ नहीं होगा और ये जानते हुए कि डेंगू खतरनाक है, फिर भी वो अपने घर में मलेरिया विभाग के लोगों को जांच करने की इजाजत नहीं देते हैं, ऐसा शाह का आरोप है। लेकिन शहर में बढ़ रही मौतों से बेहद जरूरी है कि पानी जमान नहीं होने दिया जाना चाहिए जहां मच्छर के अंडे देने की सबसे ज्यादा संभावना है। साफ सफाई का कोई विकल्प नहीं है।

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