मोदी बनाना चाहते है राजनाथ को उत्तरप्रदेश का मुख्य मंत्री

यूपी में बीजेपी को साल 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनाथ सिंह के अलावा कोई और बड़ा नाम सामने नहीं सूझ  रहा है. जिसके चलते मुलायम और मायावती का मुकाबला करने के लिए अब राजनाथ सिंह को यूपी में भेजे जाने की तयारी की जा रही है. हालाँकि  इससे पहले कई और नाम भी यूपी में सीएम पद की दावेदारी के लिए चल रहे थे, लेकिन राजनाथ को मैदान में उतारकर बीजेपी एक तीर से दो निशाना लगाना चाह रही है.

सूत्रों के मुताबिक यूपी में सीएम पद की दावेदारी के लिए योगी आदित्य नाथ, वरुण गांधी, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, महेश शर्मा और लखनऊ के मेयर डॉ दिनेश शर्मा का नाम चल रहा था. बताया जाता है कि सूबे की सत्ता को हासिल करने के लिए यह नाम इतने अदने हैं कि वह मुलायम और मायावती को टक्कर देने के लिए काफी नहीं हैं. इसलिए बीजेपी के आलाकमान की टीम ने पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी के सीएम रह चुके राजनाथ का नाम सुझाया है. दरअसल राजनाथ का कद भी अन्य पार्टी के नेताओं से कम नहीं है. इसके साथ राजनाथ को यूपी का सीएम घोषित किये जाने से सीएम की दौड़ में शामिल अन्य नेता खुद व खुद खामोश हो जायेंगे.

पार्टी सूत्रों की मानें तो पिछले दो सालों में राजनाथ और पीएम मोदी के बीच काफी अच्छे संबंध बने है. इतना ही नहीं उनके पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भी अच्छे रिश्ते है. बताया जाता है कि राजनाथ सिंह को संघ के नेता भी पसंद करते है. और तो और राजनाथ के मैदान में उतरने से पार्टी को बड़ा समर्थन मिलेगा. इसी तरह राजनाथ के चुनाव लड़ने से बीजेपी को ठाकुरों का वोट बैंक बड़ा सपोर्ट करेगा. बताया जाता है कि अगर पार्टी की ओर से राजनाथ का चेहरा सीएम के लिए पेश किया जाता है तो पूर्वी उत्तर प्रदेश का ब्राह्मण वोट किधर जायेगा. यह तो कह पाना मुश्किल है, लेकिन पार्टी ने गोरखपुर से वैसे शिवप्रताप शुक्ला को राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी की है.

सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने उत्तर प्रदेश की विधानसभा क्षेत्रों में लगाई जाने वाली होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टरों में पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, प्रदेश प्रभारी ओम प्रकाश माथुर और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या के साथ राजनाथ का नाम और फोटो लगाए जाने के आदेश दिए गए है. इलाहाबाद में 12 और 13 जून को आयोजित की जाने वाली भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देश भर के बड़े नेता यहाँ की गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में नहाने का कार्यक्रम अपने प्रवास में शामिल कर सकते है. बताया जाता है कि दो दिवसीय इस बैठक में कई राज्यों के मुख्य्मंत्री और केंद्रीय मंत्री यहां पहुंचने वाले है. ऐसे में संगम में पानी की कमी ने सिचाई विभाग के अभियंताओं की नींद उदा दी है.

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