बिहार में चारा घोटाले से जुड़ी फाइलें पटना सचिवालय की अलमारी से हुई चोरी

चारा घोटाले मामले में नया मोर आ सकता है. राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में दोषी है और उनकी सरकार भी है ऐसे में सवाल सरकार पर उठेगा. इतनी महत्वपूर्ण फाइलें कैसे गायब हुई. क्या यह किसी को बचाने कि साजिश तो नहीं है. और तो और इस घटना के करीब 20 दिनों बाद आज इसकी एफआइआर दर्ज की गई है जो कि शर्मनाक है.

बिहार में चारा घोटाले से जुड़ी फाइलें पटना सचिवालय की अलमारी से चोरी हो गई हैं. पुलिस कुछ भी बोलने से बच रही है सिर्फ जाँच का भरोसा दे रही है जीससे कई सवाल खड़ा हों रहा है. आखिर क्यों पुलिस ने 20 दिन बाद इसमें एफआइआर दर्ज कि गई. एक दैनिक समाचार के अनुसार फाइलें सचिवालय की तीन अालमारियों को तोड़कर चोरी की गई हैं और इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी.

गौरतलब है कि 950 करोड़ से अधिक के चारा घोटाले के लिए चर्चित पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग से बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण फाइलें चोरी हो गईं हैं. चोरी की गई इन फाइलों में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कई महत्पूर्ण साक्ष्य व दस्तावेज भी शामिल हैं. सूत्रों का दावा है कि चोरी गई फाइलों में घोटाले में कुछ नेताओं की संलिप्तता के साक्ष्य के आलावा कई पशु चिकित्सक व अराजपत्रित कर्मियों के विरुद्ध चल रही विभागीय व न्यायिक कार्रवाइयों से जुड़े कागजात भी हैं.

चोरी की घटना के बाद विभागीय स्तर फाइलों को तलाशने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिलने पर 30 अप्रैल को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया. आखिरकार निगरानी व विधि शाखा के प्रशाखा पदाधिकारी के आवेदन पर 16 मई को एफआईआर दर्ज हुई. इस संबंध में पूछने पर विभाग की सचिव एन. विजयलक्ष्मी ने कुछ भी आधिकारिक तौर पर बताने से मना कर दिया है. वहीं बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सिस्टम के कुछ लोग लालू प्रसाद यादव की रिहाई के लिए कोशिश कर रहे है.

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