गोपालगंज: हाथी पाँव रोग से ग्रसित मरीजों के बीच एमएमडीपी किट का किया गया वितरण

गोपालगंज में हाथी पाँव से ग्रसित गंभीर मरीजों के बीच स्वास्थ्य विभाग के द्वारा एमएमडीपी किट का वितरण किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सदर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार की उपस्थिति में वीडीसीओ प्रशांत कुमार द्वारा एमएमडीपी किट का वितरण किया गया। किट का एक्सरसाइज किस तरह करना है इसको विस्तार पूर्वक बताया गया। सबसे पहले नॉर्मल पैर धोना है और सूती कपड़ा से पोछना है। कटे हुए भाग पर मरहम लगाना। टब में बचे हुए पानी को ऐसे जगह फेंकना है जिससे छोटा बच्चा उस पानी को नहीं पी सके। प्रशांत कुमार ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव के लिए हमे सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करना चाहिए। सरकार की तरफ से साल में एक बार एमडीए प्रोग्राम चलाया जाता है। योग्य व्यक्ति को दवा का सेवन करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को हाथ में सूजन, पैर में सूजन, पुरुष के हाइड्रोसील में सूजन एवं महिलाओं के स्तन में सूजन ये सभी फाइलेरिया के लक्षण हैं। फाइलेरिया से बचाव ही इसका इलाज है। इस कार्यक्रम में 10 फाइलेरिया रोगियों को एमएमडीपी किट का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में बीसीएम तारामती देवी, बीएचएम वरुण कुमार, केबीसी आशुतोष कुमार(केयर इंडिया) उपस्थित थे।

क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि फैलेरिया संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। हमें मच्छरदानी लगा कर सोना चाहिए। घर के आस- साफ – सफाई रखना चािहए। साल में एक बार फाइलेरिया और हाथी पॉव से बचाव के लिए दवा खिलायी जाती है। जो व्यक्ति स्वस्थ्य एवं योग्य है उन्हें दवा जरूर खानी चाहिए।

दवा सेवन है जरूरी: सीफार की जिला समन्वयक नेहा कुमारी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष फाइलेरिया से बचाव के लिए सरकार की तरफ से एम डी ए प्रोग्राम चलाया जाता है। सर्वजन दवा सेवन के अंतर्गत अल्बेंडाजोल और डीसी की गोली खिलायी जाती है। एमएमडीपी किट का एक्सरसाइज कैसे करना है इस पर विस्तार पूर्वक से बताया। टब का पानी ऐसी जगह फेकना है जहां कोई बच्चा उस पानी को ना पीए।

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