गोपालगंज सदर अस्पताल में कोरोना जाँच के नाम पर सोशल डिस्टेंसिंग का जमकर बन रहा है मजाक

गोपालगंज: चिराग तले अंधेरा वाली कहावत अगर कहीं फिट हो रही है तो वह है सदर अस्पताल। जो खुद लोगों को कोरोना से सुरक्षित होने का ज्ञान बांटते फिरते हैं, वही कोरोना जांच के नाम पर सोशल डिस्टेंस की ही धज्जियां तार – तार हो गई है। जिले में इन दिनों जहां बढ़ते कोरोना के कारण लोगो को मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंस के पालन करने की सलाह दी जाती है। वही इतनी बड़ी भीड़ के बीच मे कोरोना की जांच की जा रही है। जो कोरोना गाइड लाइन के उलंघन के साथ साथ सोशल डिस्टेंस का मजाक बनाया गया है।

इस अस्पताल में कोरोना वैक्सीन के साथ – साथ कोरोना टेस्ट जांच की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन यहां जो स्थिति देखने को मिलती है उस आधार पर तो कोरोना जांच की लाइन में ही नेगेटिव व्यक्ति भी पॉजिटिव होना लाजमी है। आमतौर पर जिन लोगों में कोरोना के लक्षण आते हैं वही कोरोना जांच कराने जा रहे हैं। लेकिन एक प्रतिशत भी यहां सोशल डिस्टेंस का पालन होते नहीं दिख रहा है। कोरोना जाँच केंद्र पर ऐसा वातावरण कर दिया है कि अगर आदमी घर से निगेटिव गया होगा तो वहां जाकर पॉजिटिव हो जाएगा। वहां गोद में लिए बच्चे के साथ महिला युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में दिखाई पड़े। पर एक भी ऐसा बंदा या जिम्मेदार कमचारी अधिकारी नहीं दिखा जो यहा भीड़ के वातावरण को खत्म करके सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाता।

बहरहाल भीड़ की इस नजारे को देख कर ऐसा लग रहा है की 100 में कम से कम 10 लोग पॉजिटिव ही रहते होंगे और वे उस भीड़ में शामिल होकर पॉजिटिव की संख्या ही बढ़ाने का काम करेंगे। जिसके लिए आम जनों की बेपरवाही के साथ – साथ स्वास्थ्य विभाग प्रशासन भी परोक्ष रूप से इसमें जिम्मेदार है। वही इस पूरे मामले पर जब सिविल सर्जन डॉ वीरेंद्र प्रसाद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सोशल डिस्टेंस के पालन हमारे सुरक्षा कर्मी तो कराते ही है। लेकिन आम लोगो की मानसिकता सही नही है, लोगो को भी खुद की जिम्मवारी होनी चाहिए।

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