पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या फरवरी में ही हो जाती

सिवान पुलिस द्वारा पत्रकार राजदेव हत्याकांड में गिरफ्तार हत्यारे रोहित के पांच सदस्यों वाले गैंग की गिरफ्तारी के बाद से लगातार पूछताछ में कई चौकाने वाले खुलासे हो रहे है। धीरे धीरे ही सही पर इन हत्यारो की टोली का राज़ फाश होता दिख रहा है। राजदेव को मार ने के लिए लड्डन मिया उर्फ़ अजहरुद्दीन बेग द्वारा सुपारी देने का सच बाहर आने के बाद अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है।स्वर्गीय राजदेव की हत्या के पीछे “तुम मेरा काम कर दो, मैं तुम्हारा कर दूँगा” वाला पक्ष भी जुड़ा है।

इस निर्मम हत्याकांड में लाइनर विजय कुमार की ससुराल से जुड़े एक जमीन विवाद के मामले को सलटाने के लिए रोहित ने लड्डन से मदद मांगी थी। इसी एवज में लड्डन ने रोहित को राजदेव की हत्या का जिम्मा सौंपा था। पुलिस की पूछताछ में रोहित ने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है।पूछताछ में बताया कि लड्डन ने उससे वायदा करते हुए कहा था कि “तुम मेरा काम कर दो, मैं तुम्हारा काम कर दूंगा।”

सीवान शहर में लड्डन की पहचान एक बेहद दबंग जमींन दलाल के साथ एक कुख्यातअपराधी की है।मुख्य शूटर रोहित के मामा प्रेम की पहले से लड्डन मियां से जान-पहचान थी।अपने मामा के जरिए लड्डन को जानने पहचानने लगा। लड्डन मियां अक्सर रोहित की दुकान पर आता-जाता और रोहित भी उसके घर जाया करता था। रोहित की दोस्ती विजय से है। दोनों बेहद जिगरी और अच्छे दोस्त है।इसी विजय ने पत्रकार हत्याकाण्ड में लाइनर का काम किया था। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक विजय के ससुराल पक्ष का किसी से जमीन का विवाद चल रहा है। विजय ने इसे सलटाने के लिए रोहित से बात की। रोहित ने लड्डन से इस सिलसिले में बात की।वह तैयार हो गया, लेकिन उसने इसके बदले राजदेव रंजन की हत्या की शर्त रखी। रोहित और विजय दोनों इसके लिए तैयार हो गए।

गिरफ्तार रोहित और विजय के अनुसार राजदेव रंजन की हत्या फरवरी में ही हो जाती अगर  लड्डन 24 नवम्बर 2015 को आर्म्स एक्ट में जेल न गया होता। लड्डन के जेल जाने से हत्याकांड को तीन महीने बाद घटना को अंजाम दिया गया। लड्डन ने रोहित को जेल जाने से पहले ही राजदेव रंजन की हत्या करने के लिए तैयार कर लिया था। इससे पहले कि हमले की तैयारी होती लड्डन हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल चला गया। उसके जेल जाने से रोहित और विजय कुछ नहीं कर पाए। 27 अप्रैल को लड्डन के जेल से बाहर आने के बाद घटना को अंजाम दिया गया।

बकौल रोहित यह भी खुलासा किया है कि हत्या में इस्तेमाल की गई 7.65 बोर की पिस्टल और गोलियां लड्डन मियां ने ही उसको दी थी। घटना से करीब एक सप्ताह पहले रोहित को हथियार मुहैया करा दिया गया था। हत्या के बाद रोहित ने पिस्टल और गोली को सोनू कुमार गुप्ता के घर पर छुपा दिया। अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पिस्टल को बरामद कर लिया है। उसे जांच के लिए एफएसएल भेजा जाएगा।

सिवान पुलिस लगातार लड्डन मियां की तलाश में छापेमारी कर रही है। लेकिन अब तक लड्डन को गिरफ्तार नहीं कर पाई। वही गुरुवार को लड्डन उर्फ़ अजहरुद्दीन बेग ने हाइकोर्ट में क्रिमिनल रिट दायर कर अपनी पत्नी रेहाना बेग को सिवान पुलिस द्वारा कस्टडी में रखकर उसे सरेंडर के लिए दबाव डालने समेत खुद फ़र्ज़ी मुठभेड में मार दिए जाने की आशंका का पुलिस पर आरोप लगाया है। वही पुलिस का मानना है कि लड्डन की गिरफ्तारी के बाद ही यह खुलासा हो पाएगा कि आखिर राजदेव रंजन की हत्या के पीछे का मास्टर माइंड कौन है और क्यों उसने इस हत्याकांड को अंजाम दिलवाया है।

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