पूर्व सांसद बाहुबली शहाबुद्दीन जेल के अंदर ही लगाता था जनता दरबार

सिवान जेल में बंद राजद का पूर्व सांसद बाहुबली शहाबुद्दीन की हैसियत का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री के तर्ज पर जेल के अंदर ही शहाबुद्दीन जनता दरवार लगाया करता था. सरकार में बैठे हुक्मरानों की सरपरस्ती ऐसी बरसती थी कि उम्रकैद की सजा काट रहा शाहबुद्दीन जेल में ही जज बन जाता था. जज बन कर सिर्फ जनता दरवार के मामले ही नहीं निपटाता था. जज बनने के बाद शहाबुद्दीन जेल में बैठकर मौत की सजा भी सुनाया करता था. सारी बातों का खुलासा पत्रकार राजनदेव की हत्या के बाद जब पुलिस ने जेल में छापा मारा तब हुआ. खबरे हैं कि पत्रकार की हत्या का डेथ वॉरेंट भी शहाबुद्दीन ने ही जारी किया था. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

पत्रकार हत्या के तार जब सिवान जेल से जुड़ने शुरु हुए  एसपी और डीएम ने एक साथ मिलकर जेल में छापा मारा. जेल के अंदर जिस तरह से जेल मेनुअल की धज्जियां शहाबुद्दीन उड़ा रहा था. उससे तो एक बार को ये समझने में भी मुश्किल हो जाए की शहाबुद्दीन जेल में अपराधी था या जेलर. छापेमारी के दौरान पुलिस ने बाहुबली के जनता दरबार में जा रहे 62 लोगों को रोका. सभी को पुलिस थाने ले गई और सबसे बांड भरवाया. यही नहीं छापेमारी के दौरान जेल से 38 मोबाईल फोन और कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए थे.

सिवान जेल से शहाबुद्दीन को गुपचुप तरीके से निकाल कर भागलपुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. जहां बाहुबली को अतिसुरक्षित टी-सेल में रखा गया है. हलांकि इस मामले पर आला अधिकारियों की माने तो उनका कहना है कि सुकक्षा कारणों से भागलपुर शिफ्ट कराया गया है. लेकिन खबर है कि सिवान जेल में चल रहे उनके कारनामों से सरकार की साख पर लगातार लग रहे दागों से बचने के लिए शिफ्ट कराने का आदेश ऊपर से जारी किया गया है.

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