सुप्रीम कोर्ट ने सूखा घोषित नहीं करने पर बिहार समेत 2 राज्यों को लगाई फटकार

देश के कई ऐसे राज्य हैं जहां पर लोग सूखे की प्रभावित हुए हैं। एक तरफ जहां पर महाराष्ट्र में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए रेलवे का सहारा लिया जा रहा है। लेकिन इन सब के बीच स्वराज आंदोलन की याचिका पर सुनवाई करते हुए आज सुप्रीम कोर्ट ने आज सूखे से निपटने के लिए बेहतर रणनिति बनाने के लिए कहा है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने बिहार, गुजरात और हरियाणा सरकार को सूखा घोषित नहीं करने पर फटकार भी लगाई।

सुप्रीम कोर्ट ने स्वराज आंदोलन की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा की इस मामले ने केंद्र सरकार कोई वैज्ञानिक तरीका अपनाए और इस राजनीती न बनाए। सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए केंद्र को आपदा राहत कोष का गठन करना चाहिए। बता दें की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार, गुजरात और हरियाणा सरकार को सूखा घोषित नहीं करने पर फटकार भी लगाई। पानी के किल्लत के कारण कई किसान अब तक आत्महत्या कर चुके हैं।

गौरतलब हो की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है की इस मामले को लेकर केंद्रीय कृषि सचिव बिहार, गुजरात और हरियाणा के मुख्य सचिव के साथ एक हफ्ते के अंदर सूखे के मुद्दे पर अर्जेंट मीटिंग करें। ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कल बताया था कि भारत में 25 फीसदी से अधिक आबादी, 313 जिलों के 58,205 गांवों के सूखे के संकट से प्रभावित हैं। फिलहाल अपने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने बिहार, गुजरात और हरियाणा सरकार को सूखा घोषित नहीं करने पर फटकार भी लगाई है।

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