समस्तीपुर के जंगल में रात भर पड़ी रही खून से लतपत बच्ची

बिहार के समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय इलाका काफी बीहड़ है। शाम को गांव से एक 10 साल की बच्ची शादी समारोह में शामिल होने के लिये घर से निकली। रास्ते में उसके साथ बेहद दर्दनाक घटना घटी, जिसे वो जिंदगी भर नहीं भुला पायेगी। खून से लतपत, दर्द से करहाती यह बच्ची रात भर सूनसान जंगल में पड़ी रही।

यह घटना शनिवार की है, जब 10 साल की बच्ची शादी में जाने के लिये तैयार हो कर खड़ी हुई। सहेली तैयार हुई कि नहीं, यह देखने के लिये वह अपने घर से निकली और रास्ते में ही उसे चार दरिंदों ने अगवा कर लिया। ये दरिंदे लड़की को गांव से दूर सूनसान जंगल में ले गये, जहां बारी-बारी से चारों ने उसके साथ बलात्कार किया।

बच्ची, चीखती रही, चिल्लाती रही, लेकिन उसकी आवाज़ सुनने के लिये वहां पेड़, पौधों और परिंदों के अलावा कोई नहीं था। दुष्कर्म की इस वारदात के वक्त लड़की बेहोश हो गई। चारों ने उस खून से लतपत बच्ची को वहीं जंगल में यह सोच कर फेंक दिया, कि वह मर गई है। लेकिन बच्ची की सांसे चल रही थीं, वो रात भर दर्द से करहाती रही। बेहोश हो जाती और जब-जब होश आता तबतब उसे केवल अंधेरा दिखाई देता। इस बच्ची के जीवन में अंधेरा करने वाले चारों दरिंदे फरा हैं। बिहार पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और युवकों की खोजबीन के लिये जगह-जगह दबिश डाली जा रही है। जाहिर है दरिंदों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस भी अपनी पीठ थपथपा लेगी, लेकिन उस बच्ची की पीठ का क्या, जहां उन दरिंदों ने घाव दिये हैं। दुष्कर्मियों ने पांड गांव की इस बच्ची के शरीर को पीठ समेत कई जगह काटा भी है। चाकू व ब्लेड से शरीर पर कई जगह काटे जाने के बाद बेहोश लड़की को गांव वालों ने तब देखा, जब कुछ लोग शौच के लिये जंगल की ओर गये। बेहोशी की हालत में लड़की के पाये जाने के बाद भीड़ जमा हो गई और बच्ची को गांव वाले तुरंत अस्पताल ले गये।

डॉक्टरों ने सामूहिक दुष्कर्म की पुष्ट‍ि करने के बाद उसे पीएमसीएच रिफर कर दिया। बच्ची को होश तो आ गया है, लेकिन उसके आंसू नहीं रुक रहे हैं। रह-रह कर उसे उस भयानक रात का वो मंजर याद आ रहा है। और पुलिस, वकील और न जाने कितने लोगों ने उससे सवाल-जवाब शुरू कर दिये हैं। हर सवाल बच्ची को सीने में तीर की तरह चुभ रहा है। खैर कुल मिलाकर यह है बिहार के उस इलाके की तस्वीर, जहां पर विकास के दावे किये जाते हैं। खैर उम्मीद है नीतीश कुमार ने जितनी सख्ती शराब को बंद करने में दिखाई है, उससे ज्यादा सख्ती इस तरह की वारदातों को रोकने में दिखायेंगे।

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