गोपालगंज: समाज से नशा को मिटाने के लिए सदर अस्पताल के डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों ने लिया संकल्प

गोपालगंज में नशा मुक्ति को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान की सफलता के लिए सीनियर डिप्टी कलेक्टर सह सामाजिक सुरक्षा कोषांग की सहायक निदेशक पिंकी शर्मा ने सदर अस्पताल में चिकित्सा पदाधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बैठक की। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एसके गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सीनियर डिप्टी कलेक्टर ने कहा कि नशामुक्त समाज बनाने में डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका अहम है। सबकी सहभागिता से ही समाज को नशा से मुक्त बनाया जा सकेगा।

सदर अस्पताल के ओपीडी परिसर में सीनियर डिप्टी कलेक्टर सह सामाजिक सुरक्षा कोषांग की प्रभारी सहायक निदेशक पिंकी शर्मा ने उपाधीक्षक डॉ एसके गुप्ता की मौजूदगी में शपथ दिलायी। चिकित्सा पदाधिकारियों समेत सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने शपथ लिया कि अल्कोहल या अन्य किसी प्रकार की नशीली पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे। साथ ही हम अपने समाज को नशा मुक्त करने तथा रखने में निष्ठापूर्वक सहयोग करेंगे। शपथ लेनेवालों में उपाधीक्षक के अलावा चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमर कुमार, डॉ सुजीत कुमार, मास्टर व वोलेंटियर एजाजुल हक, अनवर हुसैन, हेल्थ मैनेजर अमरेंद्र कुमार, टीएसइ सैयद, आकाश दीप आदि जीएनएम, एएनएम व अन्य कर्मी शामिल थे।

सीनियर डिप्टी कलेक्टर पिंकी शर्मा ने कहा सदर अस्पताल में मरीजों की इलाज के साथ-साथ नशामुक्ति का संकल्प दिलाया जायेगा। नशा का सेवन मानव जीवन की सेहत के लिए कितना खराब है, इसका संदेश इलाज कराने आये मरीजों की पर्ची के जरिये घर-घर पहुंचाया जायेगा। साथ ही जागरूकता के लिए सरकारी अस्पतालों में बैनर-पोस्टर व होर्डिंग लगाये जायेंगे। बैठक के दौरान अस्पताल उपाधीक्षक ने कहा कि समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर को नशा मुक्त जोन घोषित किया गया है। साथ ही अस्पताल में इलाज के लिए आनेवाले मरीज और उनके परिजनों को नशा नहीं करने के प्रति जागरूक किया जायेगा।

उपाधीक्षक डॉ एसके गुप्ता ने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान में स्वास्थ्य विभाग हर कदम पर साथ खड़ा रहेगा। बेहतर स्लोगन के साथ ओपीडी व इमरजेंसी कक्ष की पर्ची पर नशा मुक्त भारत का स्लोगन रहेगा। जिससे इलाज व दवा के साथ-साथ मरीजों के घर तक पर्ची के जरिये जागरूकता का संदेश पहुंचाया जायेगा।

डॉक्टरों ने नशा मुक्त अभियान पर जागरूकता के लिए कई सुझाव भी दिये। जिसमें चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमर कुमार ने कहा कि जागरूकता के लिए आइएमए, नीमा, आयुर्वेद, डेंटल चिकित्सकों के संगठनों से मिलकर यह अभियान चलाया जाये। खासकर युवाओं में नशा के प्रति जागरूकता फैलायी जाये। उनका कहना है कि अगर युवाओं को नशे से नहीं बचाया गया तो आने वाली नस्लें नशे के कारण समाप्त हो सकती हैं। हमारा फर्ज बनता है कि हम युवाओं को नशे से बचा सके, ताकि हमारा प्रदेश और देश स्वस्थ रह सके। वहीं चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुजीत कुमार ने जिला प्रशासन की इस पहल को सराहना की और कहा कि युवाओं को नशे के प्रति जागरुक करना बहुत जरूरी है, क्योंकि नशे से युवाओं को नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियों के लिए ये बहुत खतरनाक है। युवा अगर नशे से बचेगा तभी स्वस्थ रह पायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected By Awaaz Times !!