गोपालगंज: 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मास्क पहनना साबित हो सकता है खतरनाक

गोपालगंज: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर विशेष तौर पर चिंतित हैं। बच्चों को वायरस से बचाने के लिए स्कूल बंद कर दिए गए हैं और बच्चे घरों में बंद हैं। लेकिन नवजात और दो साल के बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक जिस तरह से वयस्क को कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है उसी तरह से नवजात और कम उम्र के बच्चों को भी हो सकता है।

सीडीसी का कहना है कि सामाजिक दूरी ही सबसे बेहतर विकल्प है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए लेकिन अगर दो वर्ष के आयु के ऊपर के बच्चों को बाहर ले जाया जा रहा है तो उन्हें मास्क पहनाया जा सकता है। नवजात और दो साल के उम्र के बच्चों को मास्क पहनाने से घुटन हो सकती है। छोटे बच्चों को मास्क पहनाना खतरनाक हो सकता है। छोटे बच्चों की श्वास नलिका संकरी होती है जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। मास्क लगा होने से उन्हें और अधिक जोर लगाना पड़ सकता है। अगर बच्चा चेहरे से मास्क हटाने की कोशिश करेगा तो उससे जख्मी होने का खतरा बना रहेगा। सीडीसी के मुताबिक कोरोना वायरस से बच्चों को बचाने के लिए सबसे बेहतर उन्हें घर पर ही रखना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी मास्क को लेकर कई दिशा निर्देश जारी कर चुका है। दिशा-निर्देश में मास्क के इस्तेमाल से लेकर उसको नष्ट करने तक बताए गए हैं।

डीपीएम धीरज कुमार ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि जोखिम लेने से अच्छा है कि घर पर रहकर इस बीमारी से बचें और व्यस्क सदस्य घर पर रहने के दौरान भी हाथ को अच्छी तरह से साबुन से धोएं और हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करें। सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

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