तब लाश पर कूदा था पुलिस वाला, अब डीएम व थाना प्रभारी गिरेगी गाज़

3 जून 2011 को भजनपुरा गांव में एक निर्माणाधीन कारखाने की चारदीवारी के निर्माण को लेकर हुए विवाद में पुलिस द्वारा गोली चलाए जाने के कारण 4 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 15 से ज्यादा घायल हो गए थे। घटना का सबसे अमानवीय पहलू यह था कि एक पुलिसकर्मी मृतक के उपर कूदता नजर आया था। फिर वो बॉस से मृत शरीर को पिटता भी कैमरे में कैद हुआ था।

घटना का मूल कारण बना था, फारबिसगंज के भजनपुरा गांव में बियाडा की जमीन से होकर सड़क जाती थी। गांव जाने के इस एकमात्र रास्ते पर एक स्टार्च फैक्ट्री ने दीवार खड़ी कर दी। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोलीबारी की, जिसमें चार ग्रामीण मारे गए,15 लोग घायल हो गए थे।

घटना को लेकर जबरदस्त सियासी बवाल मचा। कोंग्रेस उपाध्यक्ष ने भी भजनपुरा का दौरा कर पीड़िताओं से मुलाकात की थी। बिहार के इस बहुचर्चित गोलीकांड को लेकर न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया। इसने नवंबर 2015 में जांच पूरी कर ली। न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष व पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश माधवेन्द्र शरण ने अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंप दी।
तब राज्य सरकार ने कहा था कि वह रिपोर्ट का अध्ययन कर छह महीने के भीतर इसे विधानमंडल के पटल पर रखेगी। इसके बाद सदन में रिपोर्ट पर बहस करने के बाद दोषियों के खिलाफ जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जायगी। इसी कड़ी में आज दोषियों पर जिम्मेदारी तय कर दी गई।

सरकार ने अररिया के तत्कालीन डीएम एन. सर्वानन को बियाडा के विवाद को लेकर लापरवाही का दोषी पाया है। सरकार उनसे स्पष्टीकरण मांगेगी। इसके साथ ही फारबिसगंज के तत्कालीन थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई की गाज गिरनी तय है।

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