सांसद जनक राम अपने फंड का एक पाई भी नहीं कर पाए खर्च !

हम पांच साल पर किसी नेता को वोट इसलिए देते हैं कि वो जीतकर संसद में आपको रिप्रेजेन्ट करे. आपकी समस्याओं की बात और उसका निदान करे. और सबसे ज़रूरी यह है कि अपने क्षेत्र का विकास करे. जिसके लिए भारत सरकार ने सासंद निधी यानी एम.पी. लैड्स के तहत फंड देने का प्रावधान बनाया है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि आपने अपने जिस प्रतिनिधी को चुनकर भेजा है, वो इस मामले में ‘नकारा’ साबित हो रहे हैं.

भारत सरकार की वेबसाइट http://mplads.nic.in/ पर मौजूद जानकारी बताती है कि हमारे गोपालगंज के सांसद जनक राम ‘नकारा’ साबित हो रहे हैं.  सांसद जनक राम ने एम.पी. लैड्स के तहत मिले फंड का एक पाई भी क्षेत्र के लिए विकास के लिए खर्च नहीं किया है.

भारत सरकार की एम.पी. लैड्स वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक़ देश के प्रत्येक सांसदों के फंड में अब तक 10 करोड़ का फंड दिया जा चुका है, लेकिन गोपालगंज के सांसद जनक राम ने इस 16वीं लोकसभा की सरकार में अब तक 2.50 करोड़ रूपये रिलीज़ कराने में दिलचस्पी दिखाई है और यह 2.50 करोड़ की रक़म भी सांसद महोदय अब तक खर्च नहीं कर पाए हैं.

हालांकि अगर पूरे बिहार की बात करें तो यहां के 40 सांसदों में से ‘नकारे’ सांसदों की सूची में तीन और चार शामिल है. वो नाम हैं –अररिया सांसद तस्लीमुद्दीन,  पश्चिम चम्पारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल, पूर्वी चम्पारण के सांसद राधा मोहन सिंह एवम पाटलीपुत्रा सांसद राम कृपाल यादव.

स्पष्ट रहे कि लोकसभा नियमानुसार सांसदों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए हर वर्ष 5 करोड़ रुपए की धनराशि दी जाती है. सांसद इसे अपनी इच्छा के अनुसार अनुदान के रूप में दे सकता है.

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