शहीद सब इंस्पेक्टर की शहादत को आईपीएस निशांत तिवारी की अनूठी और सच्ची श्रद्धांजलि

सूबे के चंद बेहद चर्चित लोकप्रियता का मक़ाम हासिल कर जननायक की छवि गढ़ चुके आईपीएस अफसरों की गर एक लिस्ट बनाई जाय तो वो लिस्ट वर्त्तमान में 2005 बैच के आईपीएस और पूर्णिया एसपी श्री निशांत तिवारी के नाम के बगैर अधूरी ही रह जायेगी। बिहार की ज़रखेज मिट्टी में बड़े विरले ही आईपीएस हुए है जो जनता और ख़ाकी के अपने मातहतों और सहकर्मियों के बीच समान रूप से सम्मान लोकप्रियता का मुकाम हासिल कर पाये है। आईपीएस निशांत तिवारी उस विरले व् विरलतम में एक सशक्त हस्ताक्षर है।

सनद रहे कि 14 जुलाई 2015 को अपराधियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए भरगामा ओपी के थाना प्रभारी स्वर्गीय प्रवीण कुमार की शहादत को नमन करते हुए पूर्णिमा एसपी ने अपनी सहृदयता और शहीद सहकर्मी के प्रति अपने सम्मान के फ़र्ज़ को नई उचाई प्रदान किया है। स्वर्गीय प्रवीण कुमार की पत्नी प्रियंका कुमारी द्वारा सिमित संसाधनों के बावजूद अपने नन्हे बेटे को अच्छी शिक्षा दिलाने की दिली इच्छा का सम्मान करते हुए श्री तिवारी ने शहीद प्रवीण के तीन वर्षीय पुत्र का स्वयं की पहल पर किडजी जाॅनी किड्स स्कुल में जा कर बतौर अभिभावक अर्पित के फॉर्म पर दस्तख़त कर एडमिशन कराया। साथ ही शहीद प्रवीण की पत्नी प्रियंका को खुद को अकेला न समझने की गुजारिश करते हुए नन्हे अर्पित की 12वी तक की शिक्षा नि:शुल्क हासिल करने में हमेशा खुद के द्वारा महती और सकारात्मक भूमिका निभाए जाने को लेकर आश्वस्त किया।

अपने सहकर्मी की शहादत को सम्मान देते हुए एसपी पूर्णिया के इस प्रशंसनीय और अनूठे प्रयास के गवाह बने स्कूल के टीचर्स व सस्थान के डायरेक्टर समेत 2009 बैच के जांबाज शहीद प्रवीण कुमार के कई साथी भी। वही इस पहल की चर्चा ज्यो ज्यो आम लोगो के बीच पसरती गई त्यों त्यों लोगो क सम्मान अपने एसपी के प्रतीत और नई उचाईयों की ओर अग्रसर होता गया। वही बिहार पुलिस में इस बात की चर्चा ने तो अब श्री तिवारी के प्रति ओहदे के सम्मान को दिली मुकाम तक ला दिया है।

उल्लेखनीय है कि शहीद प्रवीण कुमार के हत्यारे मुन्ना दास को भी पूर्णिया पुलिस ने एसपी निशांत तिवारी के नेतृत्व में बेहद सटीक रणनीति और त्वरित कार्रवाही करते हुए असलहो के साथ धर दबोचा था। न केवल इस कुख्यात को बल्कि इसके पुरे गिरोह को धर दबोचा था।
बतौर एक पुलिस अधीक्षक निशांत ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा,कर्मठता और जनसरोकार की अदम्य चाहत के वशीभूत होकर जूनून की हद तक जाकर आम जनता की समस्याओं और तकलीफो को दूर करने की कोशिश की है और लगातार करते है। अब तक सफ़र में श्री तिवारी को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा “Union home ministry’s pistol” से सम्मानित किया जा चूका है, वही सूबे के तात्कालिक मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी द्वारा भी बतौर गया एसएसपी हज यात्रा, पितृपक्ष मेला एवं बोधगया में अंतरराष्ट्रीय स्तर के बौद्ध सेमिनार को शांतिपूर्ण और सुनियोजित तरीके से संपन्न कराने का श्रेय देते हुए उपरोक्त तीन धर्म से जुड़े कार्यक्रम को लेकर सम्मानित किया गया है।
वही अपनी भीड़ नियत्रण की काबिले तारीफ और जनता के हर वर्ग में सीधा संवाद रखने वाले आईपीएस निशांत ने विगत दिनों पूर्णिया में भी अपनी जन संवाद और जनसरोकार की अद्वीतीय काबिलियत के बल पर पूर्णिया के बयासी क्षेत्र के अमन चैन को ख़त्म करने की बड़ी साज़िश को नाकाम करते हुए “बयासी को मालदा” बनने से न केवल बचा लिया बल्कि जनसहयोग से थाने का कायकल्प कराते हुए थाना परिसर में “अमन के पौधे” को लहलहाते हुए वृक्ष बनने की खुली छूट दे दी है। साथ ही कानून को सर्वोपरि मानते हुए असामाजिक तत्वों को जनसहयोग से गिरफ्तार भी करने में सफलता पाई।

दरअसल अपनी इसी विशेषता से बतौर एसएसपी गया श्री तिवारी ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकसभा चुनाव के दौरान चुनावी सभा विगत साल गया के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुई थी। तत्कालीन डीआईजी बच्चू सिंह मीणा ने श्री तिवारी की काबिलियत और कर्मठता को खुली छूट सुरक्षा प्रबंध से लेकर सभी अन्य व्यवस्था के संबंध में दे रखी थी।उम्मीद से कई गुणा ज्यादा एकत्रित भीड़ डी एरिया को तोड़ते हुए श्री मोदी के मंच के सामने मोदी-मोदी का नारा लगा रही थी। मोदी की सुरक्षा के मापदंडो को धता बताते हुए अनियंत्रित जन सैलाब मंच तक पहुचने ही वाला था। तब भी श्री तिवारी के नेतृत्व में गया पुलिस ने जोश मे भरी भीड़ को नियंत्रित करते हुए मंच पर मौजूद वीवीआईपी नेताओ की सुरक्षा और कार्यक्रम को बिना किसी अड़चन के समाप्त करवाने में सफल रही थी।

वही चुनाव आयोग सेे बतौर ‘बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिसेज अवार्ड 2014’ सम्मानित किया जा चूका है। सम्मानो की यह फेरहस्ति समय के साथ बतौर आईपीएस श्री तिवारी को नए शिखर तक ले जायेगी। कुछ तो विशेष और विलक्ष्ण है इस “ख़ाकी में इंसान” के व्यक्तित्व में जो इसे भीड़ से अलग एक अज़ीमो शान शख़्सियत बना देती है जो आम आदमी के दिलो पर राज करता है।

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