सीवान के मैरवा से हेडक्वार्टर कोटा से अवैध रेलवे टिकट में संलिप्त मास्टरमाइंड हुआ गिरफ्तार

बिहार यूपी की सीमा पर स्थित सीवान के मैरवा नगर से रेलवे की सीआईबी की टीम ने एक टिकट दलाल को उसके ही दुकान से रंगे हाथ पकडा है। विभाग द्वारा किये गए इस बड़ी कार्रवाई से आसपास के सभी टिकट दलालों में हड़कंप सा मच गया है।

रेलवे सुत्रों के अनुसार बिहार-यूपी की सीमा पर स्थित मैरवा नगर के मालगोदाम मार्ग स्थित सरस्वती टूर एण्ड ट्रेभल्स पर बुधवार को पूर्वोत्तर रेलवे के सतर्कता विभाग ने अचानक रेड मार दी। इस दौरान छापेमारी में प्रिंटर, लैपटॉप, मोबाईल एवं कुछ तैयार तत्काल ई-टिकट, पैनड्राइव इत्यादि सभी को जब्त कर लिया गया है। यहा अवैध रुप से टिकट बनाने के आरोप में दुकान के मालिक धनंजय पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया गया है।

प्राप्त खबरों के अनुसार रेलवे से सरस्वती टूर एण्ड ट्रेभल्स के नाम से रजिस्ट्रेशन भी है। जिसे चलाने की स्वीकृति मैरवा थानाक्षेत्र के इग्लिश गांव में स्विकृत है और इस रजिस्ट्रेशन पर तत्काल टिकट बनाने की इजाजत नही है। लेकिन यहां नियम के विरुद्ध आईआरसीटीसी पर फर्जी नाम पता और मोबाईल नंबर से रजिस्ट्रेशन कर उसके माध्यम से तत्काल टिकट बनाए जाने का गोरखधंधा जोरों से चल रहा था। वही टिकट बनाने के एवज में प्रति एक यात्री से 300 रुपए से लेकर 500 रुपए तक वसूले जाते थे।

सुत्र बताते है कि पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के सतर्कता विभाग के उपमहाप्रबंधक को और उनके टीम को लगातार यह सूचना मिल रही थी कि सीवान जिले के मैरवा में रेलवे के काउंटर टिकट और ई-टिकट का अवैध तरीके से बड़ा कारोबार फल-फूल रहा है और इसकी पुख्ता जानकारी प्राप्त हो जाने के बाद बुधवार को असले सुबह ही गोरखपुर की टीम मैरवा पहुंच चुकी थी। टीम का एक सदस्य संबंधित इस दुकान के आसपास ग्राहक बन घुमता रहा और समय से पूर्व दुकान में जाकर एक टिकट बना देने की अपील की। दुकानदार द्वारा टिकट बना भी दिया गया। लेकिन जैसे ही टिकट बना वैसे ही करीब आधा दर्जन सीआईबी टीम के लोग दुकान के अंदर प्रवेश कर गए और मौके से टिकट दलाल धनंजय पाण्डेय को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

इस छापेमारी में सीआईबी टीम के पांच इंस्पेक्टर और आरपीएफ के दो जवान कार्य को अंजाम दे रहे थे और वही मैरवा पुलिस की दो गाडिय़ां भी मोके पर मौजूद थीं ताकि इस छापेमारी और गिरफ्तारी का कोई विरोध प्रर्दशन न हो सके।

सबसे बड़ी बात हेडक्वार्टर कोटा से टिकट कन्फर्म कराने मेंं संलिप्त है यह टिकट दलाल और साथ ही टिकट कन्फर्म करने के एवज मे वो रेलवे यात्रियों से एक बड़ी और मोटी रकम वसूलता था। हालांकि मैरवा में और भी कई टिकट के धंधेबाज है शामिल हैं जो हेडक्वॉर्टर कोटा से टिकट कन्फर्म कराकर पैसा वसूलने का गोरखधंधा करते हैं।

रेलवे के सुत्रों ने बताया है कि अबतक के पूछताछ में यह बात सामने आयी हैऔर पकडे गये धंधेबाज ने यह बात स्वीकार कर ली है कि वो हैडक्वार्टर कोटा से टिकट कन्फर्म कराता था और इस खेल में इस काम में एक बडे नेता के निजी सचिव की अहम भूमिका भी शामिल बताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक इस तथाकथित सचिव की भूमिका की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बता दे कि यह टिकट दलाल पहले भी जेल जा चूका है। एक वर्ष पूर्व भी मैरवा रेलवे स्टेशन के आरक्षण खिडकी से टिकट कराने के दौरान विजिलेंस की टीम ने पकडा था। टीम ने टिकट दलाली के आरोप में उसपर एफआईआर भी दर्ज कर जेल भेज दिया था और इस मामले में कई दिन सोनपुर जेल में रहने के बाद जमानत मिलने पर वो जेल से बाहर आया था और फिलहाल वो केस भी वर्तमान समय में चल रहा है‌।

इसी बीच एक माह पूर्व भी मैरवा रेलवे स्टेशन से रेलवे अवैध टिकट के साथ संबंधित टिकट दलाल को पकडा भी गया था। मगर वो इस मामले अपने आकाओं के बलबूते बहुत जल्द ही छुट गया था और इसके बावजूद यह टिकट के गोरखधंधे में बदस्तूर शामिल रहा जिसके कारण दूसरी बार उसे जेल जानी पडी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected By Awaaz Times !!