Thu. Aug 22nd, 2019

गोपालगंज में शिक्षको ने पेश की इंसानियत की मिसाल, शुरू किया “इंसानियत की दिवार”

अमीर गरीब के बीच की खाईं लगातार बढ़ रही है। जहां एक ओर लोगों के पास ज़रुरत से कहीं ज़यादा कपडे है तो वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों के पास तन ढकने के लिए भी कपड़े नहीं हैं तो कहीं गरीब सर्दी में ठिठुर रहा है। इसी असमानता को दूर करने के लिए गोपालगंज में शिक्षको द्वारा एक दिवार बनाई गयी है जिसे “इंसानियत की दिवार” का नाम दिया गया है। यह दिवार उन लोगों के लिए वरदान है जो बिना कपड़ो के रहने के लिए मजबूर है। इस दिवार का मकसद बिना स्वार्थ इंसानों की मदद करना है। आप इस दिवार पर कपडे, जूते, खाने का समान आदि टांग सकते है। ताकि ज़रूरतमंद लोग उसे ले सके और अपनी ज़रूरतों को पूरा कर सके। यह दिवार हजियापुर रोड स्थित संस्कृत विद्यालय के समीप है। दिवार के द्वारा सन्देश दिया गया है की “जो आप के पास अधिक है यहाँ छोड़ जाए, जो आपकी ज़रुरत का है यहाँ से ले जाए।

शिक्षक सतीश कुमार मिश्रा ने बताया की कुछ समय पहले वह अपने स्कूली बच्चो के साथ मधुबनी खेल प्रतियोगिता में भाग लेने गए हुए थे। वहीं उन्होंने “इंसानियत की दिवार” देखि और उन्हें अपने शहर में भी इसे शुरू करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने जिला वासिओ से अपील भी किया की लोग आगे बढे और अपनी अनावश्यक चीज़े इस दिवार पर टांग दे ताकि ज़रूररमंदों की ज़रूरते पूरी हो सके।

बता दे की जैसे ही आस पास के लोगों को इस दिवार की जानकारी मिली लोग लगातार यहाँ आ रहे है और ज़रुरतमंदों की मदद के लिए कपडे टांग रहे है। लोग सिर्फ कपडे ही नहीं बल्कि लोग खाने का समान भी यहाँ रख जाते है।

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