गोपालगंज में सैकड़ो किसानो को नहीं मिला फसल क्षति मुआवजा, काट रहे है दफ्तर का चक्कर

गोपालगंज को भी बिहार सरकार ने बिहार के अन्य जिलों की तरह सूखाग्रस्त जिला घोषित किया था. जिले के सभी चौदह प्रखंड सुखाड़ग्रस्त घोषित किये गए. तब नवम्बर माह में गोपालगंज पहुचे कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा था कि किसानो को मायूस होने की जरूरत नहीं है. उनके खाते में 15 नवम्बर 2018 तक कृषि इनपुट सब्सिडी की राशि भेज दी जाएगी. लेकिन गोपालगंज सदर प्रखंड के सैकड़ो किसान ऐसे है. जिनके खाते में अबतक कोई राशि नहीं आई. फसल क्षति मुआवजा को लेकर किसान कृषि विभाग से लेकर सम्बंधित बैंक तक और अधिकारिओ के दफ्तर का चक्कर काट रहे है. लेकिन उन्हें अबतक कुछ भी हासिल नहीं हुआ.

गोपालगंज सदर प्रखंड के तिरबिरवा पंचायत निवासी  55 वर्षीय किसान खजांची मांझी के मुताबिक बिहार सरकार ने सदर प्रखंड के तिरबिरवा पंचायत को भी सुखाड़ घोषित किया गया था. खजांची मांझी ने भी अपनी तीन बीघा खेत में धान की फसल लगायी थी. अच्छी बारिश नहीं हुई. जिसकी वजह से उनकी धान की पूरी फसल बर्बाद हो गयी. धान में कोई दाना नहीं निकला. इस दौरान सरकार ने घोषणा किया की इस पंचायत के किसानो को भी फसल क्षति मुआवजा दिया जायेगा. इस पंचायत के किसानों को लगा की उनकी फसल के क्षति की कुछ हद तक पूर्ति हो जाएगी. लेकिन अबतक किसानो को फसल क्षति मुआवजा नहीं मिला. खजांची मांझी अब गेहू की खेती में लगे हुए है. खेती बारी से समय निकालकर वे कृषि विभाग का चक्कर भी काट लेते है. अधिकारिओ से भी उन्होंने कई बार फसल क्षति मुआवजा नहीं मिलने की गुहार लगायी. लेकिन उन्हें अबतक सरकार के द्वारा कोई राशि उपलब्ध नहीं करायी गयी.

खजांची मांझी इस पंचायत के कोई अकेले किसान नहीं है. जिनकी रबी की फसल बर्बाद हो गयी. सूखे की वजह से धान की लागत भी नहीं निकल पाया. बल्कि ऐसे सैकड़ो किसान है. जिन्हें अबतक फसल क्षति मुआवजा का कोई राशि नहीं मिला है. इस पंचायत के नूर आलम की भी ऐसी ही शिकायत है. नूर आलम ने दो बीघे में धान की खेती की थी. सूखे की वजह से फसल बर्बाद हो गयी. उन्होंने सरकारी घोषणा के बाद फार्म भी भरा. विभाग का चक्कर लगाए. लेकिन उनकी तरह सैकड़ो किसानो को मुआवजा के नाम पर अबतक कोई राशि नहीं मिली है.

जिला कृषि विभाग के आंकड़े बताते है कि जिले में सुखाड़ के लिए किसानो ने कुल 76574 आवेदन कृषि विभाग को दिए. इस आवेदन में से 58647 आवेदन स्वीकार किये गए. स्वीकृत आवेदन के अलोक में करीब 24 करोड़ राशि भी स्वीकृत कर ली गयी. जिले का सुखाड़ ग्रस्त रकबा करीब 48 लाख एकड़ है. विभाग के द्वारा उपलब्ध कराये गए आंकड़ो के मुताबिक जिले में कृषि विभाग के द्वारा 23 करोड़ 63 लाख रूपये की राशी फसल क्षति मुआवजा के लिए स्वीकृत किये गए. लेकिन अब सवाल है की जब राशि स्वीकृत कर दी गयी. तो फिर प्रभावित किसानो के खाते में राशि अबतक क्यों नहीं बेजी गयी. जबकि कृषि मंत्री प्रेम कुमार गोपालगंज में कई प्रखंडो के दौरे के बाद हर हाल में 15 नंवबर तक कृषि इनपुट सब्सिडी किसानो के खाते में भेज दी जाएगी. लेकिन विभागीय लापरवाही की वजह से अबतक किसानो के खाते में राशि मिली नहीं.

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