गोपालगंज में निर्दयी माँ ने अपने नवजात बच्ची को फेका नहर में, तड़पकर-तड़पकर कर हुई मौत

गोपालगंज में नवजात को जन्म देते ही उसकी माँ ने नहर में फेक दिया. जिससे नवजात की तड़पकर-तड़पकर मौत हो गयी. नवजात का कसूर बस इतना था कि वह बेटा नहीं बल्कि बेटी थी. मामला नगर थाना के तुरकाहा नहर की है. बहरहाल ग्रामीणों की सुचना पर नगर थाना पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल में भेज दिया है.

बेटे और बेटियों में कोई फर्क नहीं है. आज बेटियां हर सेक्टर में अपनी कामयाबी की परचम लहरा रही है. लेकिन कुछ संकीर्ण मानसिकता के लोगों के लिए बेटियां आज भी किसी अभिशाप से कमी नहीं है. ताजा मामला गोपालगंज नगर थाना के तुरकाहा गाँव का है. जहा माँ ने अपनी नवजात बेटी को मरने के लिए गंडक नहर के किनारे फेक दिया. स्थानीय लोगो को नवजात के मिलने की सुचना जैसे ही मिली. वे भी नहर के किनारे नवजात को देखने के लिए पहुच गए. लेकिन शायद काफी देर से नवजात के फेकने की वजह से उसकी मौत हो गयी थी. ग्रामीणों ने इसकी सुचना नगर थाना पुलिस को दी.

सुचना मिलते ही नगर थाना पुलिस ने नवजात बच्चे के शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है. मृतक नवजात बेटी होने की वजह से शायद उसकी माँ ने यूही लावारिस मरने के लिए फेक दिया था. जिसकी वजह से ठंढ और इन्फेक्शन की वजह शायद मासूम की मौत हो गयी थी.

सदर अस्पताल में मौजूद महिलाओ ने बताया कि वह कैसी निर्दयी माँ थी. जिसने नौ माह तक अपने गर्भ में रखने के बाद बेटी होने पर उसे मरने के लिए फेक दिया. अब बेटा और बेटी में फर्क नहीं है. स्थानीय सुगान्ति देवी ने बताया कि वह कैसी माँ है. जो बेटा और बेटी में फर्क समझती है. माँ बाप की सेवा बेटे से ज्यादा बेटियां करती है. बावजूद इसके कुछ लोग बेटे और बेटी में फर्क कर रहे है. जो सही नहीं है.

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