गोपालगंज बना बिहार का पहला जिला जहाँ इंदिरा गाँधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी ने खोला अपना स्टडी सेण्टर

कल तक गोपालगंज बिहार के उन बदनाम जेलों में से एक था जहा जेल के अन्दर के कुख्यात कैदियो के द्वारा बड़ी अपराधिक घटनाओ को अंजाम दिया जाता था. लेकिन अब गोपालगंज मंडल कारा की तस्वीर बदलने लगी है. यहाँ जेल में बंद कैदी जेल के अन्दर खेतीबाड़ी करते थे. मछली पालन करते थे. लेकिन अब यहाँ के कैदी जेल में से ही अपनी पढाई पूरी कर सकेंगे.

चनावे स्थित गोपालगंज मंडल कारा कभी बदनाम जेलों में शुमार था. यहाँ कैदियो ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की जेल के अन्दर ही पीटपीटकर हत्या कर दी थी. यहाँ जेल से ही कभी रंगदारी, फिरौती और हत्या की साजिश रची जाती थी. लेकिन अब ये सब बीते दिनों की बात हो गयी है. जेल को सुधार गृह के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से अब यहाँ के कैदी जेल में से ही अपनी पढाई ही पूरी नहीं कर सकेंगे. बल्कि वे मनचाही डिग्री भी जेल में सजा काटते हुए ले सकेंगे. इग्नू यानी इंदिरा गाँधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी ने बिहार की गोपालगंज मंडल में पहला स्टडी सेण्टर खोलने की अनुमति दी है. यह बिहार का पहला जेल होगा. जहा कैदियो के पढने और मनचाही डिग्री लेने के लिए इग्नू ने जेल में ही स्टडी सेण्टर खोल दिया है. जेल अधीक्षक इस स्टडी सेण्टर के कोऑर्डिनेटर होंगे. यहाँ बाहर से शिक्षक आएंगे. वे जेल में ही बने बड़े हाल में कैदियो की क्लास लेंगे और उनके कोर्स को पूरा कराएँगे.

जेल अधीक्षक संदीप कुमार ने बताया की गोपालगंज जेल में कैदियो के जीवन यापन में सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे है. जेल में सब्जी उत्पादन , मछली पालन से लेकर अगरबत्ती बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. अब इसके साथ ही कैदियो को पढ़ाई करने के लिए यहाँ इग्नू का स्टडी सेण्टर खोला जा रहा है. जहा कैदी बीए , बीकॉम सहित कई कोर्से की पढाई पूरी कर सकेंगे और जेल से बाहर निकलने के बाद समाज की मुख्यधारा में रहकर रचनात्मक काम कर सकेंगे.

बता दे की बिहार का गोपालगंज पहला जिला है. जहा जेल में पढाई के लिए इग्नू ने स्टडी सेण्टर खोला है.

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