Mon. Aug 26th, 2019

साढ़े चार महीने बाद खुला वीरगंज रक्सौल बॉडर

करीब साढ़े चार महीने की नाकेबंदी के बाद वीरगंज-रक्सौल बॉर्डर एक बार फिर से गुलजार हो गया है। बिहार के लोगों के लिए यह एक ऐसा इंटरनेशनल बॉर्डर है, जहां लोग पैदल या साइकिल से ही एक देश से दूसरे देश चले जाते हैं। वीरगंज-रक्सौल बॉर्डर के खुलने जाने से दोनों सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों में जश्न का माहौल है।

सितंबर से ही नेपाल में नए संविधान को लेकर मधेशी समुदाय के लोग सरकार में उचित प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। यह आंदोलन करीब साढे चार महीने तक चला। बिहार के मोतिहारी जिला के रक्सौल से सटे बॉर्डर वीरगंज में विरोध के दौरान कई बार हिंसक झड़प और गोलीबारी हुई। इसमें कई लोगों की मौत हुई कितने लोग घायल हो गए। आंदोलन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। बॉर्डर बंद होने की वजह से बॉर्डर एरिया में रह रहे लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। नेपाल में व्यवसायियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया था। शुक्रवार को नाकेबंदी से परेशान कारोबारियों और अन्य लोगों ने मधेशी आंदोलनकारियों द्वारा लगाए गए तम्बू, बेरिकेड्स को उखाड़कर फेंक दिया। शुक्रवार को बॉर्डर खुलने के बाद कुछ छोटे वाहन और कुछ कार्गो और ट्रक नेपाल की सीमा में गए। मधेशियों के आंदोलन के कारण नाकेबंदी की वजह से भारत की ओर से नेपाल जाने वाली सप्लाई पूरी तरह से रुक गई थी।नेपाल में ईंधन गैस, दवाइयों और फूड आइटम्स की किल्लत हो गई।नेपाली पीएम के पी ओली ने आंदोलन के लिए भारत को जिम्मेदार माना।नेपाल में सप्लाई बनाए रखने के लिए उसने चीन की ओर सीमा खोल दी। कुछ एक्सपर्ट्स ने इसे इंडियन डिप्लोमेसी के लिए ठीक नहीं माना।
मधेशी मुख्य रूप से नेपाली निवासी हैं, जो साउथ नेपाल के तराई क्षेत्र में रहते हैं। पूरे नेपाल की आबादी 2 करोड़ 60 लाख के करीब है, जिसमें 52 लाख मधेशी हैं। बता दें कि मधेशियों का भारत से गहरा नाता है, इनकी भाषा मैथिली और भोजपुरी है, जो की बिहार की रीजनल लैंग्वेज है।निवार्चन क्षेत्र भूगोल की बजाय पॉपुलेशन पर हो।आर्मी और पुलिस में इक्वल राइट की मांग।गवर्नमेंट जॉब के लिए 10 साल बाद योग्य मानने की शर्त हटाई जाए। राज्यों का बंटवारा सही तरीके से हो।हालांकि, नेपाल सरकार मधेशियों की कुछ मांगे मानने को तैयार थी।भले ही दोनों देश के नागरिकों को एक-दूसरे के यहां आने-जाने के लिए किसी सरकारी अनुमति की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन सीमा पर दोनों ओर सुरक्षा के लिए पुलिस या अन्य बलों के जवान निगरानी करते हैं। दोनों देशों के कस्टम अधिकारी भी सीमा पर आने-जाने वाले लोगों की जांच के लिए मुस्तैद रहते हैं।

वीरगंज यहां बड़ा मार्केट है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयों और कपड़ों व राशन की दुकानें हैं। खरीदारी के लिए लोग यहां एक-दूसरे की सीमा में आते-जाते हैं। दोनों देशों के नागरिकों के बीच रिश्तेदारियां भी हैं।

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