गोपालगंज आंसर शीट घोटाले में कई जगह हुई छापेमारी, पुलिस के हाथ नहीं लगा कुछ अहम सुराग

गोपालगंज पुलिस ने आंसर शीट घोटाले को लेकर सोमवार को 25 जगहों पर छापामारी की गयी. इस सघन छापामारी अभियान में पुलिस को कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे है. लेकिन गायब कॉपियो की बरामदगी हुई और ना हीं इसकी अभी तक कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है.

दरअसल गोपालगंज के हजियापुर रोड स्थित एसएस गर्ल्स इंटर कॉलेज से मैट्रिक के आंसर शीट की 216 बैग कॉपिया गायब हो गयी थी. इस बैग में करीब 42हजार 500 कॉपिया थी. मूल्यांकन के कॉपियो के गायब होने की सुचना के बाद स्कूल के प्रिंसिपल प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने स्कूल के ही आदेशपाल और नाईट गार्ड के खिलाफ गायब कॉपियो को कबाड़ में बेचने की आशंका जताते हुए नगर थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज किया था. नगर थाना पुलिस ने नामजद आदेशपाल छठू सिंह और नाईट गार्ड आसपूजन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इसी दौरान पुलिस ने गोपालगंज के हजियापुर के कबाड़ व्यवसायी पप्पू कुमार गुप्ता और टेम्पू चालक संजय कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. गिरफ्तार पप्पू कुमार गुप्ता ने स्वीकार किया था की उसे स्कूल के आदेशपाल छठू सिंह ने फोन कर मैट्रिक की कॉपियो को खरीदने का आग्रह किया था. जिसे उसने साढ़े आठ हजार रूपये में कॉपियो को खरीदा था.

इस मामले में बिहार बोर्ड में अपनी सफाई देने पहुचे स्कूल के प्रिंसिपल प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को पटना से गिरफ्तार किया था. गिरफ़्तारी के 6 दिन बाद भी प्रिंसिपल को जेल नहीं भेजा गया है. हलाकि प्रिंसिपल को निलाम्बित कर दिया गया है. लेकिन उसे कहा रखा गया है इसकी अभी तक कोई अधिकारिक सुचना नहीं दी गयी है.

नगर थाना पुलिस ने कहा की गायब कॉपियो को बरामद करने के लिए गोपालगंज के अलावा सीवान, सारण और यूपी के कई जगहों पर ताबड़तोड़ छापमारी की गयी है. लेकिन इस छापामारी में क्या बरामद हुआ है . इसकी कोई सुचना नहीं दी गयी है.

हलाकि गोपालगंज के एसपी राशिद जमा ने दो दिनों पूर्व प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले में गिरफ्तार सभी 4 अभियुक्तों से सम्बंधित जानकारी मीडिया से साझा किया था. लेकिन वे यह नहीं बता सके की आखिर गायब कॉपियो को अभीतक बरामद क्यों नहीं किया जा सका.

सवाल है की जब कबाड़ वाले ने कॉपियो को ख़रीदा था. तब वह खरीदी गयी कॉपिया आखिर कहा चली गयी. जिसे उनके स्विकराताम्क बयान के बाद भी नहीं बरामद किया जा सका. सवाल यह भी है की जब आदेशपाल ने मोबाइल पर फोन कर कॉपियो को बेचने की सुचना दी तब स्ट्रोंग रूम का ताला बिना सील खोले कैसे बेच दिया गया. जबकि स्ट्रोंग रूम में अभी भी ताला वैसे ही सीलबंद है. यह कॉपिया 5 जून के आसपास बेचीं गयी थी. फिर नगर थाना में एफआईआर 17 जून को क्यों लिखवाया गया. आखिर दो सप्ताह तक इसकी सुचना बोर्ड कार्यालय को क्यों नहीं दी गयी. सवाल यह भी है की आखिर मंगलवार को बिहार बोर्ड के द्वारा रिजल्ट का प्रकाशन किया जायेगा. उसके बाद जब साढ़े 42 हजार छात्रो के रिचेकिंग के लिए आवेदन आयेंगे. तब उनके कॉपियो का मूल्याङ्कन कैसे किया जायेगा.  इन सभी मामलो पर अभी बिहार बोर्ड, गोपालगंज जिला प्रशासन और एसआईटी को जवाब देना होगा. तभी छात्रो का विश्वास बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड पर बहाल हो सकेगा.

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