गोपालगंज: मैट्रिक की कॉपियां है एक ताले के भरोसे,बोर्ड घटनाओ से नही ले रहा कोई सबक

गोपालगंज में मेट्रिक के आंसर शीट गायब होने के बाद मामले की जाँच कर रही एसआईटी को जहा अबतक कोई अहम् सुराग हाथ नहीं लगा है. वही इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी बीएसईबी यानी बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड सबक लेने को तैयार नहीं है.

दरअसल गोपालगंज के डीएवी हाई स्कूल में अभी भी पिछले तीन साल से मेट्रिक के मूल्यांकन किये गए कॉपियो को महज एक छोटे से ताले के भरोसे रखा गया है और स्कूल प्रबन्धन इन कॉपियो को लेकर पेशोपेश में है आखिर करे तो क्या करे.

बता दे की इस साल मैट्रिक की परीक्षा के बाद गोपालगंज में भी सिर्फ मुल्यांकन केंद्र बनाये गए थे. जिसमे गोपालगंज का एसएस गर्ल्स इंटर कॉलेज और डीएवी हाई स्कूल शामिल है. इन्ही स्कूलों में मैट्रिक के कॉपियो को मूल्यांकन का करवा कर रखा गया था.
लेकिन इसी दौरान नगर थाना से महज कुछ दुरी पर स्थित एसएस बालिका गर्ल्स कॉलेज से एक दो नहीं बल्कि 216 बैग कापियां करीब 42 हजार 30 कॉपिया गायब हो गयी. इन कॉपियो के गायब होने के बाद बीएसईबी को 20 जून को घोषित होने वाले मैट्रिक के परीक्षा परिणाम रोक देने पड़े.

डीएवी हाई स्कूल के सचिव मित्रानंद आर्य के मुताबिक वे इस स्कूल में 2010 से मूल्यांकन निदेशक के रूप में कार्य कर रहे है. अभी तक यही परम्परा थी की कॉपियो के मूल्यांकन के बाद उत्तरपुस्तिका को वापस मंगवा लिया जाता था. लेकिन पिछले तीन साल से इन कॉपियो को ऐसे ही यहाँ छोड़ दिया जा रहा है. जिसकी वजह से कॉपियो को यहाँ रखने के लिए कमरे को बेकार बंद कर रखा गया है. कमरे को एक छोटे से ताले से सील जरुर किया गया है. लेकिन यहाँ इतने भी कर्मी नहीं है की 24 घंटे इनकी निगरानी कर सके. जिसकी वजह से इन कॉपियो के चोरी होने या गायब होने का डर बना हुआ है. कॉपियो के सुरक्षा की जिम्मेवारी बिहार बोर्ड की है की वे इसे मंगवा कर अपने पास रखे. मित्रानंद आर्य ने कहा की जब कोई गड़बड़ी होती है तो उसके लिए प्रिंसिपल, आदेशपाल और नाईट गार्ड को जिम्मेदार ठहराया जाता है. इसके लिए बोर्ड के निदेशक को जिम्मेवार क्यों नहीं ठहराया जाता है. क्योकि कॉपियो की रखने की जिम्मवारी बोर्ड की ही है.

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