दीघा पुल खुल गया : उत्तर बिहार को जोड़ने वाला द्वार, दौड़ी पहली ट्रेन

19 साल के लंबे इंतज़ार के बाद आखिर कार छपरा, सीवान, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बरौनी समेत कई जिले से राजधानी पटना रेलमार्ग से सीधे जुड़ गया। 19 साल के लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार ऐतिहासिक दीघा ब्रिज पर से ट्रेन परिचालन शुरू हुआ। पटना से सोनपुर की दूरी अब महज 15 से 20 मिनट में तय की जा सकेगी। अमूमन पटना से सोनपुर वाया गांधी सेतु जाने में दो घंटे का समय लगता है। वही गांधी सेतु पर चल रहे मेंटेनेंस और निर्माण कार्य की वजह से पुल पर अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। इस पुल का शिलान्यास 1997 में हुआ था। पर तमाम अड़चनों और तैयारियों को मुकम्मल करने में ही 6 साल का लंबा अरसा लग गया। तब जा कर 2003 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था।इस पुल की लंबाई 4.6 किमी है और इसे बनाने में कुल लागत 2921 करोड़ रुपए की आई है। साथ ही इस पुल पर ट्रेन आवागमन शुरु होने में 19 साल का लंबा वक्त लग गया।

गंगा नदी पर रेल पुल बनाकर रेल मार्ग से गोरखपुर, देवरिया, कप्तानगंज समेत छपरा, सीवान, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बरौनी समेत कई जिलो को राजधानी से जोड़ने की मांग होती रही थी। सनद रहे की दक्षिणी बिहार और उत्तरी बिहार को जोड़ने ख़ातिर गंगा नदी पर बने गांधी सेतु ही एक मात्र जरिया बन गया था। इस पुल पर वाहनों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा था। वही पुल की जर्जर हालात ने इस समस्या ने विकराल रूप धारण करना शुरू कर दिया था।

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