Crime Petrol देखकर जीजा-साले ने बना ली लूट की कहानी

रामपुर का रहने वाला मुकेश वाल्मीकि लेनदारों से परेशान था। कर्ज वसूली के लिए लोगों ने उसका घर में रहना मुश्किल कर दिया था। जब उसे कर्ज चुकाने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। लेनदारों का मुंह बंद करने के लिए मनोज के दिमाग में क्राइम पेट्रोल देखकर लूट की झूठी कहानी गढ़ने का खुराफाती विचार आया।

और उसने 1 लाख 10 हजार की लूट की पटकथा तैयार करते हुए इसमें रिश्तेदार(साले) को शामिल कर लिया। पकड़े जाने पर मनोज व उसके साले के मुंह से लूट की कहानी सुनकर एक बार पुलिस भी चकमा खा गई। जांच में पुलिस के सामने झूठी लूट की कहानी का राज खुल गया।

स्वरचित पटकथा के अनुसार के मनोज वाल्मीकि ने लेनदारों को बताया कि वह अपने जानवर (सुअर)बेचने जा रहा है। जानवर बेचकर उनका कर्ज चुका देगा। अगले ही दिन बाद रामपुरा गांव के पास के ही जंगल में मनोज वाल्मीकि 4 लोगों को झाड़ियों में पड़ा मिला। उसका मुंह साफी से और हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे।

और इन लोगों ने मनोज हाथ-पैर खोल दिए। इसी बीच मनोज वाल्मीकि का साला दौड़ता हुआ थाने पहुंचा। उसने बताया कि उसके बहनोई को 4 बदमाशों ने लूट लिया। रस्सी से बांधकर जंगल में डाल गए हैं।

ऐसे हुआ लूट की कहानी पर शक :-

पड़ताल में पुलिस का माथा ठनका की मनोज वाल्मीकि के साले को इस बात का कैसे पता चला कि उसका बहनोई जंगल में बंधा पड़ा है? इसी सवाल पर जांच करने पर मनोज वाल्मीकि की कुंडली टटोली। पुलिस को पता चला कि मनोज पर 4 से 5 लाख रुपए लोगों का कर्ज देना है। घटना वाले दिन ही उसने लेनदारों का कर्ज लौटाने का वादा किया था।

1 लाख 10 हजार रुपए लूटे जाने की झूठी कहानी रचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। और उनके खिलाफ प्रकरण भी दर्ज होगा। ताकि भविष्य कोई झूठा प्रकरण दर्ज करा कर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास नही करें।

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