गोपालगंज के पिड़रा में पांचवें दिन भी मुखिया के घर नहीं जला चुल्हा, मुखिया के घर पसरा है मातम

गोपालगंज जिला के उचकागांव थाना क्षेत्र के बलेसरा पंचायत के मुखिया तथा प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष महातम चौधरी व उनके पुत्र सत्येन्द्र चौधरी की हत्या के पांचवें दिन भी पिड़रा गांव में खौफ का मंजर कायम है। मुखिया के घर मातम पसरा हुआ है। परिजनों की सिसकियां शनिवार को भी नहीं थमी। परिवार के सदस्य इस घटना के बाद से गहरे सदमे में है। परिवार के दो सदस्यों की मौत के बाद बाकी सदस्यों में भय व दहशत व्याप्त है। परिवार की महिलाएं खासकर उनकी बहुएं तथा बहनें घटना के बाद से पूरी तरह से टूट गई है। वहीं मुखिया की मां शिवकली देवी बेटे की मौत से पागल हो गई है। शनिवार को बालाहाता बाजार सामान्य दिनों की तरह दिखा। बाजार की सभी दुकानें खुली। लेकिन लोगों की आवाजाही कम रही। बाजार में रैफ के जवानों की तैनाती रही।

मुखिया तथा पुत्र की हत्या के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं का आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। अब तक कई राजनेता पिड़रा पहुंच कर पीड़ित परिवार को सांत्वना दे चुके है। शनिवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री व रालोसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दशई चौधरी, राष्ट्रीय कोषध्यक्ष राजेश यादव तथा प्रदेश महासचिव ब्रजेन्द्र पप्पू ने पहुंच कर पीड़ित परिजनों ढांढस बंधाया। साथ ही इस मामले को सरकार तक ले जाने का आश्वासन दिया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री व रालोसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दशई चौधरी ने कहा कि सूबे में अपराध बढ़ा है। प्रतिदिन हत्या, लूट, बलात्कार, सड़क लूट जैसी घटनाएं हो रही है। अपराधी बेलगाम हो गए है। पुलिस तंत्र पूरी तरह फेल है। ऐसे में सूबे की जनता डर तथा दहशत के साए में जी रही है। दशई चौधरी ने मुखिया हत्याकांड की निंदा करते हुए कहा कि इस घटना में पुलिस की लापरवाही सामने आयी है। यदि प्रशासन द्धारा मुखिया को आर्म्स का लाइसेंस दिया गया रहता तो अपराधी भी आने से डरते। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण उन्हें जान गंवानी पड़ी। साथ ही दशई चौधरी ने मृत मुखिया महातम चौधरी के परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। उन्होंने ने सीएम नीतीश कुमार तथा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा से मिलकर मुखिया के परिजनों को सरकारी नौकरी तथा हर संभव सहयोग देने की मांग करेंगे।

हत्याकांड के बाद पुलिस मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है। पुलिस टीम लगातार संदिग्धों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही है। डेढ़ दर्जन संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबर को पुलिस ने सर्विलांस पर रखी है। इन नंबरो की निगरानी पुलिस कर रही है। घटना स्थल पर वारदात के समय मौजुद लोगों की जानकारी पर पुलिस अपराधियों की स्केच बना रही है। इससे हत्या कांड में शामिल शूटरों की शिनाख्त हो सकेगी। पुलिस उन तमाम बिन्दुओं पर जांच कर रही है जिससे मुखिया की हत्या के तार जुड़े हो सकते है। हांलाकि इस मामले में उन लोगों की तलाश पुलिस कर रही है जो हत्या के पूर्व लाइनर का काम कर रहे थे। पुलिस का मानना है कि मुखिया के करीबी लोग भी जुड़े हो सकते है।

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