Thu. Aug 22nd, 2019

गोपालगंज के भोरे में एटीएस एवं एसओजी ने की करवाई, चार साइबर अपराधी हुए गिरफ्तार

गोपालगंज जिला के भोरे थाना क्षेत्र में एटीएस और एसओजी देवरिया की टीम ने अपनी संयुक्त कार्रवाई में साइबर मामले में पांच युवको को हिरासत में लिया जिसमे से चार युवकों को पुलिस ने साइबर मामले में जेल भेज दिया. जबकि एक युवक को पुलिस ने पूछताछ के बाद कोई साक्ष्य नहीं होने के कारण छोड़ दिया. एसओजी की टीम इस गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.

बता दें कि शुक्रवार को एटीएस और एसओजी देवरिया की टीम ने अपनी संयुक्त कार्रवाई में वाराणसी से भोरे थाना क्षेत्र के तिवारी चकिया गांव निवासी सुभाष तिवारी के पुत्र प्रदीप कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया था. उसकी ही निशानदेही पर टीम ने भोरे के तिवारी चकिया गांव निवासी अंगद तिवारी के पुत्र हिमांशु तिवारी, इमिलिया गांव निासी रामनाथ पांडेय के पुत्र भुक्कू पांडेय उर्फ सुजीत पांडेय, इसी गांव के जनार्दन पांडेय के पुत्र अरूण पांडेय और मंजेश पांडेय उर्फ पंडित को उठा लिया था. इनके साथ ही देवरिया के दो युवकों को भी टीम ने उठाया था. इनकी गिरफ्तारी के बाद मामला टेरर फंडिंग का सामने आया. लेकिन बाद में पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आयी कि प्रदीप तिवारी और मंजेश पांडेय साइबर क्राइम के मास्टर माइंड हैं. इनलोगों का टेरर फंडिंग से कोई सरोकार नहीं है.

देवरिया के एसपी पी. कनय ने बताया कि भाटपार रानी और सलेमपुर में कई लोगों के खाते से पैसे गायब हो रहे थे. जांच के बाद जिन युवकों का नाम सामने आया, उन्हें हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान  युवकों ने बताया कि वे साइबर क्राइम के सदस्य हैं, इसमें मंजेश पांडेय मास्टर माइंड है और वह चंद मिनट में ही लोगों का खाता साफ कर देता है. इस मामले में तीन युवकों को छोड़ा गया है. जिसमें अरूण पांडेय भी शामिल है. उनके मोबाइल से इन्हीं आरोपितों ने ऑनलाइन सामान की बुकिंग की थी. एसपी ने बताया कि डुमर नरेंद्र गांव साइबर क्राइम का गढ़ बन चुका है. उसी गांव का पीयूष कुमार चार साल से साइबर क्राइम में संलिप्त है और वह मास्टर माइंड होने के साथ ही गांव के अधिकतर युवाओं को इसकी ट्रेनिंग दे चुका है. पहले वह अपने साथ गांव के तीन युवाओं को ही जोड़ा था, लेकिन अब गांव के अधिकतर युवा इस अपराध में शामिल हो गए हैं. उन्होंने आगे बताया कि इसमें से मंजेश पांडेय व प्रदीप तिवारी वाराणसी में रहकर पढ़ाई करते हैं. इतना ही नहीं, दोनों पढ़ाई के साथ कर्म कांड में भी हिस्सा लेते हैं. इनकी वाराणसी में अच्छी छाप हो गई थी और पूजा पाठ करने के लिए लोग इन्हें बुलाते भी थे, लेकिन यह बिना देर लगाते उनका भी एटीएम कार्ड साफ कर देते. एसपी पी. कनय ने आगे बताया कि इसमें से मंजेश पांडेय तो अत्याधुनिक है. वह चंद मिनट में ही किसी के भी खाते से रुपये साफ कर देता है. जबकि सुजीत पांडेय व हिमांशु तिवारी एटीएम कार्ड व उसके डिटेल को हिडेन कैमरा की मदद से चुराने का कार्य करते हैं.  इनका एक पूरा चैनल तैयार हो गया है. अगर तीन ने इसकी ट्रेनिंग ली, तो उसने नौ को ट्रेनिंग दे दी और अब पूरा चैनल कार्य कर रहा है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे चैनल को धवस्त करतेक हुए उन्हें भी गिरफ्तार किया जायेगा.

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