गोपालगंज में माले ने आधार कार्ड की अनिवार्यता के खिलाफ शहर में निकाला मार्च

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा लोक कल्याणकारी योजनाओं में आधार कार्ड की अनिवार्यता लागू कर मजदूर-किसानों व वंचित तबके को योजनाओं के लाभ से वंचित किए जाने की साजिश के खिलाफ शुक्रवार को माले कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रतिवाद मार्च निकाल कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। शहर में निकला प्रतिवाद मार्च विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए मौनिया चौक पर सभा में तब्दील हो गया। माले नेताओं ने प्रतिवाद मार्च के दौरान गरीबों व किसानों की योजनाओं में आधार के शर्त को खत्म करो, आधार के नाम पर कल्याणकारी योजनाओं में कटौती नहीं चलेगा, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भी आधार की अनिवार्यता क्यों – मोदी-नीतीश जवाब दो, आदि नारा लगा रहे थे।

प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए माले जिला सचिव इंद्रजीत चौरसिया ने कहा कि आधार के नाम पर नरेंद्र मोदी सरकार तमाम कल्याणकारी योजनाओं में कटौती कर रही है। गरीब लोगों को राशन से वंचित किया जा रहा हैं। मोदी की सरकार तानाशाही थोपते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भी आधार को अनिवार्य बना रही है। इसके खिलाफ पूरे देश में चल रहे अभियान के साथ भाकपा(माले) भी अपनी एकजुटता जाहिर करती हैं। सभा में अन्य वक्ताओं ने कहा कि जबसे आधार कार्ड को बैंक से लिंक किया गया है तबसे किसानों का खाद-बीज सब्सिडी हो या गरीबों का दिव्यांग, वृद्धावस्था पेंशन, पारिवारिक लाभ, कन्या विवाह, मनरेगा आदि योजनाओं का बकाया दो-तीन वर्षों का बकाया है। कहीं आधार कार्ड का बेजा इस्तेमाल कर लिया जाता है तो कहीं इसके नंबर का दुरूपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। भाकपा माले इसकी अनिवार्यता के खिलाफ संघर्ष करेगी।

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