शरद यादव को राज्यसभा सदस्यता मामले में हाईकोर्ट का झटका, दखल से इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता रद्द किए जाने के मामले में दखल देने से साफ इनकार किया है. लेकिन कोर्ट ने आदेश दिया कि शरद यादव को भत्ते और सरकारी बंगला का लाभ मिलता रहेगा.

गौरतलब है कि शरद यादव ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर खुद को राज्यसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराए जाने के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू के फैसले को चुनौती दी थी.

जेडीयू की अपील पर राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने 4 दिसंबर को शरद यादव के साथ-साथ अली अनवर को भी राज्यसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया था. शरद यादव बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के बीजेपी से हाथ मिलाने के बाद से अलग रास्ता अपनाए हुए हैं.

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने का आदेश दिया. राज्यसभा के सभापति ने जेडीयू के उस तर्क को स्वीकार किया कि उसके 2 वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन कर और विपक्षी पार्टियों के कार्यक्रमों में शामिल होकर अपनी पार्टी सदस्यता को ‘स्वतः ही त्याग’ दिया है.

जेडीयू ने शरद और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने के लिए सदन के सभापति से अनुरोध किया था. यादव पिछले साल राज्यसभा के लिए चुने गए थे और उनका कार्यकाल 2022 में खत्म होने वाला था. अली अनवर का कार्यकाल अगले साल खत्म होने वाला था.

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