गोपालगंज: पीएम आवास लाभुक ने विकासमित्र पर रिश्वत लेने पर बीडीओ से लगाई गुहार, होगा जांच

बिहार सहित पूरा देश इस वक़्त गरीबो की बात कर रहा है .सबका मानना है की गरीबो का विकास होना चाहिए. हमारे प्रधानमंत्री हमेशा इस देश को भ्रस्टाचार और बिचौलिए से मुक्त करने की बात करते रहते है. वहीँ भ्रस्टाचार के मामले में सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाये हुए है . इस मामले पर उन्होंने वर्तमान में अपने आप को महागठबंधन से अलग कर लिया . लेकिन इस कार्यतंत्र में दीमक की तरह घुसा हुआ भ्रस्टाचार आखिर कब खत्म होगा . कब तक बिचौलिए व सरकरी बाबुओं द्वारा गरीबो के हक़ को छीना जाता रहेगा ? आखिर कब तक उन्हें न्याय के लिए हमेशा अपना खोकर गुहार लगाना पड़ेगा . ये सवाल बहुत बड़ा है और शायद सरकार को इसके बारे में गहराई से सोचने की जरुरत है .

जी हाँ, ऐसा ही एक वाक्या आज गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड के कांवे गांव के तज्जुबिन मसूर के पत्नी रबीना खातून के साथ हुआ है . पीडिता रबीना ने बताया की प्रधानमन्त्री आवास के लिया आवेदन किया था जिसकी राशि उनके बैंक खाते में आ गया था . बैंक खाते में आने के बाद वहां के इंदिरा आवास सहायक रत्नेश राव, विकास मित्र रीता देवी व उनके देवर शैलेश ने मिलकर उन्हें बैंक ले जाकर उनसे 49000 रुपये की निकासी कराकर उसमे से 20000 रुपये काटकर शेष 29000 रुपये लाभुक को थमा दिया. ये बात लाभुक को नही समझ आयी जब उसने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा की तुम्हारा आवास की राशि  दिलवाने में इतने रुपये खर्च हुए है . ब्लाक से लेकर मुखिया सभी को देना पड़ता है तब जाकर यह राशि मिलता है . लाभुक ने उनसे बहुत गुहार लगाई इतनी राशि में उसका कुछ भी नही हो पायेगा पर उन्होंने एक ना सूनी . घर जाकर गुहार लगाने पर वे धमकी देते है की जिससे शिकायत करनी है कर दो हम तुम्हे पैसे नही देंगे .

निराश रबीना को जब कुछ समझ नही आया तो वह इसकी गुहार लेकर बीडीओ भोरे के पास पहुँची . इस बात की शिकायत को सुनते ही बीडीओ ने तुरंत उनके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए . उनसे पूछने पर उन्होंने बताया की इससे पहले भी इनलोगों की शिकायत मिला है . जांच के आदेश दे दिए गये है . दोषियों को कतई छोड़ा नही जाएगा . दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ ठोस कारवाई की जायेंगी . अब देखना होगा की आखिर इस गरीब को न्याय मिलता है की नही .

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