गोपालगंज के तूरकहां स्थित चौराव पैक्स बैंक में हुआ करोड़ों रूपया का गबन, खाताधारी परेशान

गोपालगंज नगर थाना क्षेत्र के तूरकहां पुल के समीप चौराहों पैक्स बैंक लिमिटेड सन 2009 से लेकर आज तक काम करते आ रहा था.
यह बैंक पूर्ण रूप से प्राइवेट लिमिटेड थी जो जो सहकारी बैंक पैक्स गोपालगंज से सम्बंधित था. यह एक व्यवसायिक एवं पूर्ण रुप से कमजोर वर्ग के लोगों को लोन संबंधित एवं बचत खाता, फिक्स डिपोजिट, रेकरिंग का काम किया करता था जिसका संचालक बैंक प्रबंधक गौरव कुमार भट के माध्यम से होता रहता था. इस बैंक में काफी भारी मात्रा में लोग अपना बचत खाता एवं फिक्स डिपोजिट करा रखे थे. इस बैंक में करीबन 1700 खाताधारी है.

बीते कुछ दिनों से लोग अपना ही खुद रुपया जमा किया हुआ पैसा नहीं निकाल पा रहे है. जिसको लेकर खाताधारी काफी परेशान और काफी चिंतित हैं. पैसा नहीं निकाल पाने की वजह से इन लोगों के घर में आवश्यक कार्य बाधित हो जा रही है. किसी की बेटी बहन की शादी में रुकावट किसी की बीमारी को लेकर परेशान है. जब बैंक में जाकर अपना पैसा निकालने की कोशिश करते हैं तो बैंक प्रबंधक के द्वारा बताया जाता है कि अभी बैंक में रुपया नहीं है. खाताधारीयों का सब्र का बांध तब टूट गया जब लोगो ने देखा की पिछले 10 दिनों से ना ही बैंक खुल रहा है और ना ही कोई बैंक कर्मचारी नज़र आ रहा है. खाताधारियो का कहना है की इन सब चीजों से साफ-साफ पता चल रहा है कि चौराव पर पैक्स बैंक पूर्ण रूप से गरीबों का रुपया गबन कर भाग गया है. इस बैंक में बाजार के गरीब तबके के छोटे व्यवसाई से लेकर ग्रामीणों ने अपना खाता खुलवा रखा था और अपने अच्छे भविष्य को लेकर अपनी कमाई की एक तिहाई हिस्सा बचा कर इस बैंक के खाते में रखते थे.

आज फ़िर से जब बैंक खाताधारी उम्मीद के साथ जब बैंक पहुचे तो उन्होंने देखा की बीते 10 दिनों की तरह आज भी बैंक बंद है. जिसको लेकर एकजुट होकर सभी ग्रामीण खातेदारी बैंक के ऊपर अपना आक्रोश दिखाया और यह बार-बार कह रहे थे कि हम सभी गरीबों का पैसा यह बैंक लेकर रफूचक्कर हो गया है. ना ही इस बैंक का कोई कर्मचारी आ रहा है और ना ही सहायक बैंक प्रबंधक आ रहा है. जब हम लोग फोन करते हैं तो वह अपना मोबाइल को बंद कर लेते हैं. जिसको लेकर हम सभी के साथ पैसे को लेकर समस्या बनी हुई है. सभी खाताधारियो का कहना है की अब तक तक़रीबन दो करोड़ रुपया से ज्यादा रुपया हम सभी ने मिल कर इस बैंक में जमा करवाया है और अब हम सभी चिंतित हैं कि अब हम लोगों की रुपया का जिम्मेवार कौन लेगा और किस तरह से हम लोग को रुपया मिलेगा.

आए दिन इस तरह की हादसा बराबर देखी जाती है की मार्केट में लोगों के साथ धोखाधड़ी एवं ठगी का शिकार बनाया जाता है. जिसको लेकर सीधे-साधे लोग इसमें बुरी तरह फंस जाते हैं और अपने रुपए को देकर बर्बादी के कगार पर चले जाते हैं. वहीं कुछ स्थानीय लोगों के द्वारा यह बात जानने को मिला की बैंक के रुपया से ही पैक्स बैंक के प्रबंधक गौरव कुमार भट्ट ने आज से 6 माह पहले महिंद्रा कंपनी की स्कॉर्पियो एवं एक बुल्लेट खरीद रखा है. लेकिन यह भी सत्य है कि इस मैनेजर की तनख्वाह मात्र ₹7000 ही मिलता था तो इतनी मंगाई के जमाने में इतनी बड़ी काम इन्होंने कैसे कर लिया. यह एक जांच का विषय बना हुआ है. वही कुछ खाताधारीयों का शक है की कहीं ऐसा भी हो सकता है कि हम सभी गरीबों का ही पैसा लेकर यह अपना शौक तो पूरा नहीं कर रहा है. लेकिन जब आवाज़ टाइम्स की टीम ने इस पैक्स बैंक के सहायक बैंक प्रबंधक से पूछ ताछ किया तो उसने काफ़ी चौकाने वाला जवाब दिया उसने कहा की मैंने इस बैंक से काफ़ी पहले नाता तोड़ चूका हूँ और मैं इस बारे में कुछ नहीं जानता हूं, जो भी जानते हैं हमारे चेयरमेन एवं पूर्व प्रबंधक स्वर्गीय संजय शर्मा जानते हैं. जहां तक हमको मालूम है कि सन 2009 से लेकर 2015 तक कि बैंक की ऑडिट नहीं हुआ है. आप को बता दे की पैक्स बैंक के पूर्व प्रबंधक संजय शर्मा का 2015 में ही मृत्यु हो चुका है और फिलहाल चेयरमेन के रूप में मोहम्मद समीम हैं.

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