लालू का दावा हुआ फेल, नीतीश कुमार ने विश्वासमत हासिल किया, पक्ष में पड़े 131 वोट

बिहार की सियासी उथल पुथल में एनडीए की नई सरकार ने विधानसभा में बहुमत हासिल कर लिया है। नीतीश कुमार ने एक बार फिर से बहुमत हासिल करने क बाद दोहराया कि जो भी किया वो बिहार के लिए किया। अब राज्य और केंद्र में एक ही सरकार होगी।

नीतीश ने बिहार विधानसभा में 131 वोट हासिल किए तो वहीं तेजस्वी ने 108 वोट हासिल किए। जिससे ये साफ साबित हो गया कि जेडीयू में कोई क्रॉस वोटिंग नहीं हुई है। जिस बात का आरजेडी की तरफ से दावा किया जा रहा था कि जेडीयू के विधायक उनके साथ है ये बात गलत साबित हुई है। और एक बार फिर से 4 साल बाद बीजेपी और जेडीयू की सरकार बनी है। साथ ही नीतीश ने कहा कि हम पैसा बनाने के लिए राजनीति नहीं करते है। इसके अलावा बहुमत हासिल करने से पहले विधानसभा में जय श्री राम के नारे आरजेडी के विधायकों के द्वारा लगाए गए थे। जिसके जवाबम में नीतीश ने कहा कि मुझे धर्मनिरपेक्षता का पाठ न पढ़ाएं। भ्रष्टाचार के ऊपर सांप्रदायिता का परदा ना डालें।

साथ ही नीतीश ने कहा कि मुझे मजबूर किया तो आइना दिखाएंगे। ये लोग अहंकार और भ्रम में जीने वाले लोग हैं। इससे पहले जैसे ही नीतीश ने विश्वासमत प्रस्ताव पेश किया विधानसभा में हंगामा शुरू हो गया। वहीं विधानसभा के बाहर RJD और कांग्रेस का प्रदर्शन जारी है। वे नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। उधर, तेजस्वी यादव ने कहा कि आज बिहार का युवा उदास हो गया है। मुझे बहाना बनाकर फंसाया गया है। आरजेडी ने जेडीयू का वजूद बचाया था। छवि बचाने के लिए ये सब ढकोसला किया किया गया। हम लोग इतने मुर्ख नहीं हैं कि समझ ना सकें कि ये लोग क्या कर रहे हैं। नीतीश ने पूरे बिहार को धोखा दिया है। हिम्मत थी तो मुझे बर्खास्त करते। नीतीश अब हे राम से जय श्रीराम हो गए हैं।

इससे पहले बुधवार देर रात को नीतीश कुमार ने बीजेपी नेताओं के साथ राज्यपाल को 132 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा था, जिसमें जेडीयू के 71, बीजेपी के 53, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के 2, एलजेपी के 2, जीतनराम मांझी की पार्टी ‘हम’ के 1 और 3 निर्दलीय विधायक शामिल हैं.

आरजेडी पहुंची हाईकोर्ट
आरजेडी ने राज्यपाल के फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी है. हाईकोर्ट में आरजेडी की याचिका मंजूर कर ली गई है. इस पर सोमवार को सुनवाई होगी. आरजेडी का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उन्हें सरकार बनाने के लिए बुलाया जाना चाहिए था. हाईकोर्ट ने आज के विश्वासमत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.

हमने एक मत से अपना नेता चुना था : रघुवंश प्रसाद सिंह
आरजेडी के नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि नीतीश को हमने एक मत से अपना नेता चुना था. लेकिन अंतरात्मा की पुकार पर बिना परामर्श किए उन्होंने गठबंधन तोड़ दिया और बाद में परमात्मा की पुकार पर बीजेपी की गोद में बैठ गए. नीतीश ने जो किया वह जनादेश का अपमान, लोगों ने इसका बुरा माना. हम विश्वास प्रस्ताव का घोर विरोध करेंगे, हम गुप्त मतदान की मांग करते हैं.

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