कुछ घंटों में सत्ता में बैठा दल बन गया विपक्ष और विपक्ष पहुंच गया सत्ता में

कुछ ही घंटों में बिहार की पूरी सियासत बदल गई है। जो पहले सरकार में था कुछ ही घंटों बाद वो विपक्ष में आ गया हैं। और विपक्ष से बीजेपी ने सरकार बना ली है। 4 साल पहले जो साथ छूट गया था वो आज एक बार फिर से साथ आ गया है। 17 साल कासाथ कल शाम को साथ हो गया और दोनों ने साथ में सरकार बना ली है। जनता दल युनाइटेड के नीतीश कुमार ने आज सुबह एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। और वो भी अपने पुराने दोस्त बीजेपी के साथ मिलकर। नीतीश कुमार को राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने सुबह 10 बजे पूरे तौर तरीके से शपथ दिलाई। जेडीयू के सुप्रीमो ने छठीं बार शपथ लेकर रिकॉर्ड बनाया है।

नीतीश कुमार के बाद बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने भी राज्य के डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है। गुरुवार को हुए इस शपथ ग्रहण सामरोह में सरकार के केवल दो ही नेताओं ने शपथ ली है। आपरको बता दें कि अचानक से कल शाम को नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा दे दिया था। नीतीश के इस्तीफा से 20 महीने से चल रही महागठबंधन की सरकार एकदम से गिर गई थी। जिसके तुरंत बाद ही बीजेपी ने जेडीयू को सरकार बनाने का ऑफर दिया। बिना कुछ देर किए नीतीश कुमार ने बीजेपी का ये ऑफर स्वीकार किया। और दोनों दलों ने आपस में बैठक कर नीतीश को विधायक दल का नेता चुन लिया है।

साथ ही दोनों दलों ने बिना कुछ देर किए और कोई खतरा अपने हाथ लिए देर रात ही नई सरकार बनाने का दावा पेश राज्यपाल के सामने पेश कर दिया। साथ ही राज्यपाल ने भी उनका साथ दिया और सुबह 10 बजे शपथ लेने का अवसर प्रदान किया। बुधवार देर रात को नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मिलकर बीजेपी, जेडीयू, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, लोक जन शक्ति पार्टी के विधानसभा सदस्यों के अतिरिक्त दो निर्दलीय विधानसभा सदस्यों के साथ कुल 131 विधायकों के समर्थन का पत्र प्रस्तुत किया था। इसके बाद राज्यपाल ने नीतीश को सरकार बनाने का न्योता दिया था। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को शपथ-ग्रहण के बाद 29 जुलाई तक बिहार विधान सभा में बहुमत सिद्घ करने को कहा था।

वहीं इस शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नीतीश कुमार पर जोरदार हमला साधा है। राहुल ने महागठबंधन टूटने पर कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार की जनता को धोखा दिया है। साथ ही राहल ने कहा कि नीतीश ने अपने स्वार्थ के लिए बीजेपी से हाथ मिलाया है। आपको बता दें कि राहुल गांधी, नीतीश कुमार और लालू यादव पिछले 20 महीनों से बिहार में महागठबंधन बनाए हुए थे। लेकिन कल रात को नीतीश कुमार ने इस गठबंधन को तोड़ दिया और अपने पुराने साथी के पास वापिस चले गए। जिस पर राहु गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। और नीतीश कुमार को धोखेबाज और स्वार्थी कहा है।

इससे पहले कल रात को आरजेडी और कांग्रेस के सभी विधायकों ने रात के करीब 2 बजे राजभवन का मार्च निकाला। जिसके बाद 6 नेता ने रात को ही राज्यपाल से मुलाकात की हैं। और आज आरजेडी ने पूरे राज्य में धरना करना शुरु कर दिया है। गौरतलब है कि लालू यादव और तेजस्वी दोनों का दावा है कि उनके पास सरकार बनाने के लिए बहुमत है। लेकिन उन्हें मौका ही नहीं दिया जा रहा हैं। राज्य का सबसे बड़ा दल होने के नाते उन्हें सरकार बनाने का पहला अवसर मिलना चाहिए। फिलहाल जल्द ही नीतीस कुमार को सदन में विश्वासमत हासिल करना होगा।

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