गोपालगंज: आज़ादी के 70 वर्ष बाद भी खुले में पढ़ने को मजबूर बच्चे, गुहार के बाद भी प्रशासन बेसुध

वर्तमान में जहाँ पुरे देश में शिक्षा का अधिकार कानून लागु हैं और कानून को पुर्णतः धरातल में लाने के लिए सरकार भी हर समय तरह-तरह के आवश्यक कदम भी उठाती रही हैं लेकिन संसाधनों के अभाव में बच्चों को उचित शिक्षा भी नही मिल पा रही हैं। गोपालगंज  के प्रखंडों में इन संसाधनों का अभाव इस कदर हैं की कही शिक्षक का अभाव तो कही विद्यालय भवन का अभाव, पुस्तक आदि संसाधनों के अभाव शिक्षा के मार्ग में बांधा उत्पन्न कर रहा हैं और सरकारी तंत्र से लेकर राजनीतिक तंत्र भी केवल आश्वासन से लोगों को अँधेरे में रख रहे हैं। लेकिन कोई भी सार्थक पहल नही करने के कारण शिक्षा का स्तर बढ़ने के अलावे घटते जा रहा हैं। गुणवता पूर्ण शिक्षा देने की बात सभा और बैठकों में उठता हैं, लेकिन इसपर सार्थक पहल कोई नही करता हैं। विकास के इस दौर में भी खुले आसमान के नीचे बच्चें पढने को मजबूर हैं बारिश और कड़ाके की ठंढ को झेलते हुए पढ़ते है।

इसका ताजा उदाहरण गोपालगंज जिले के मांझा प्रखंड के हुसैन टोला पंचायत स्थित नवसृजित  प्राथमिक विद्यालय, हुसैन टोला, मांझा का हैं। जहा आज भी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को भवन नसीब नही है। विद्यालय में लगभग 92 बच्चों का नामांकन है। प्रधान शिक्षिका सिन्धु सिंह ने बताया की विद्यालय के भवन की समस्या वर्षो से हैं। इस विद्यालय की स्थापना वर्ष  2006  में हुई थी और उसी समय से ही भवन नही हैं। इससे पहले बिस्कोमान भवन में बच्चो को शिक्षा दी जाती थी पर उसके छतिग्रस्त होने के बाद अभी तक भवन की व्यवस्था नही हो पाई है। जिस कारण बच्चों को फ़ुश के घर में या बाहर ही पढना पड़ता हैं। बरसात, सर्दी व तेज गर्मी में अक्सर विद्यालय बंद ही रहता हैं। कारण बच्चें विद्यालय में आते ही नही हैं। उक्त विद्यालय में चार दो महिला शिक्षिका के अलावे एक पुरुष शिक्षकों की नियुक्ति हुई हैं। मिड दे मिल के लिए विद्यालय में दो महिला रसोइया भी नियुक्त है।

प्रधान शिक्षिका ने बताया की इस बाबत कई बार विद्यालय की विस्तृत जानकारी वे प्रखंड के अंचल अधिकारी को लिखित रूप में दे चुकी है । साथ ही साथ जिला अधिकारी के जनता दरबार में भी 2013 से ही कई बार इस मामले को लेकर मिल चुकी है पर अभी तक इस पर जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग की नींद नही खुली है। ज्ञात हो की इस विद्यालय के भवन निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा फण्ड भी जारी कर दिया गया था पर वह राशी बिना खर्च किये ही वापस लौट गया। शायद प्रतीत होता है की विद्यालय के बच्चो से किसी को कोई लेना देना ही नही है । जबकि यह विद्यालय नियमित रूप से संचालित होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected By Awaaz Times !!