जेडीयू नेता केसी त्‍यागी ने कहा, बीजेपी से रिश्‍ते ज्‍यादा सहज थे

बिहार की महागठबंधन सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. चुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त देने वाला राजद, जेडीयू और कांग्रेस महागठबंधन पिछले कुछ समय से एक दूसरे नेताओं के खिलाफ मुखर रहा है. राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार को सपोर्ट करके नीतीश ने तो जैसे राजद और कांग्रेस के विरोध ही मोड़ ले लिया है.

राजद और कांग्रेस के नेताओं के शहरबुझे बयानों के बीच जेडीयू नेता केसी त्यागी ने बीजेपी के साथ गठबंधन को ज्यादा सुविधाजनक बताया. केसी त्यागी ने कहा कि,” बीजेपी के साथ गठबंधन के दौरान ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलता जब ऐसे चरित्रहनन की कोशिश की गई हो.” नीतीश 17 साल तक बीजेपी के साथ गठबंधन में रहे हैं. इस दौरान केंद्र में मंत्री से लेकर बिहार के मुख्यमंत्री तक रहे. बीच बीच में एनडीए नेता उन्हें वापस एनडीए में आने का न्यौता भी देते रहे हैं. साल 2013 में नरेंद्र मोदी के पीएम पद पर नाम सामने आने के बाद जेडीयू ने अपना रास्ता एनडीए से अलग कर लिया था.

राष्ट्रपति चुनाव पर बोलते हुए त्यागी ने कहा कि ‘गोपाल कृष्ण गांधी पर लगभग सभी सहमत थे केवल कांग्रेस गोपाल कृष्ण गांधी के नाम पर सहमत नहीं थी’ उन्होंने कहा कि के सी त्यागी का बयान-‘कांग्रेस के किसी नेता ने मीरा कुमार का उल्लेख नहीं किया था, मीरा के नाम पर पहले चर्चा हुई होती तो हम साथ होते’ एनडीए उम्मीदवार के समर्थन करने के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और लालू के भाई वीरेंद्र ने नीतीश पर हमला बोलो है. इसी हमले केबाद जेडीयू को भी बीजेपी की याद आई है.

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