गोपालगंज के डीईओ व डीपीओ पर प्रथम अपीलीय प्राधिकार ने लगाया जुर्माना

गोपालगंज जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह डीईओ व कपिलदेव तिवारी डीपीओ साक्षरता पर प्रथम अपीलीय प्राधिकार ने सेवा में त्रुटि पाते हुए जुर्माना लगाया है। प्रथम अपील प्राधिकार ने डीईओ के ऊपर 2 हजार रुपये तथा डीपीओ के ऊपर 5 हजार रुपये जमा करने का आदेश पारित किया है। यहां बता दें कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम 2015 में निहित प्रावधानों के तहत जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सह डीईओ द्वारा 25 जनवरी 2017 को पारित आदेश के विरूद्ध जदयू नेता सह पूर्व विधायक मंजीत कुमार सिंह ने प्रथम अपीलीय प्राधिकार सह सारण आयुक्त के न्यायालय में वाद दायर किया है। इस वाद पर सुनवाई करते हुए सारण आयुक्त ने ऐसा आदेश सुनाया है। गौरतलब हो कि बैकुंठपुर प्रखंड के खोरमपुर मध्य विद्यालय के परिसर में अतिरिक्त भवन के निर्माण में प्रधानाध्यापिका मनोरमा पांडेय द्वारा बरती जा रही अनियमितता व उनके करीबी सगे-संबंधियों से मिलकर सरकारी राशि के गबन व दुरूपयोग का मामला सामने आया। इसको लेकर मंजीत कुमार सिंह द्वारा जिला लोक शिकायत पदाधिकारी सह डीईओ के न्यायालय में परिवाद दायर किया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए इस प्राधिकार ने 25 जनवरी 2017 को अपना आदेश पारित किया गया। इसके विरूद्ध परिवादी ने सारण आयुक्त के यहां आदेश के विरूद्ध चुनौती दी गई। सुनवाई करते हुए प्रथम अपीलीय प्राधिकार ने कहा कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना द्वारा स्वयं को अधीनस्थ कर्मियों को बचाने के लिए सिर्फ प्रधानाध्यापिका के विरूद्ध महम्मदपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। जिसमें अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 26 अप्रैल 2017 को चतुर्थ सुनवाई के दौरान डीईओ के प्रतिनिधि के रूप में आये कपिलदेव तिवारी, डीपीओ साक्षरता भी कुछ भी बताने में असमर्थ दिखे। इसको लेकर इनके ऊपर 2 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। साथ ही बिना विषय वस्तु के ठोस जानकारी के कार्रवाई में उपस्थित होने पर भी अनुचित बताया गया तथा इनके इस रवैये से लोक प्राधिकार का क्रिया कलाप व सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों के संपादन में इनकी अनिच्छा व असंवेदनशीलता को दर्शाता है। साथ ही उपरोक्त वर्णित कारणों से लोक प्राधिकार सह डीईओ गोपालगंज को 5 हजार रुपये अर्थदंड देने की अनुशुसा की गई। साथ ही डीईओ को निर्देश दिया गया कि डीपीओ के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई करने की अनुशंसा करेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोक प्राधिकार डीईओ गोपालगंज को आदेश दिया गया कि परिवाद कर्ता के मूल परिवाद में वर्णित तथ्यों की निष्पक्षता से जांच कराकर आदेश प्राप्ति के 15 दिनों के अंदर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश प्रथम अपीलीय प्राधिकार ने पारित किया।

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