बदमाशों को गोली मार नेशनल शूटर आयशा फलक ने बचाई देवर की जान

देश की राजधानी दिल्ली में नेशनल लेवल शूटर पति-पत्नी की बहादुरी और सूझबूझ ने एक शख्स की ना केवल जान बचा ली बल्कि किडनैपर्स को धूल भी चटा दी है। अपने घर में शूटिंग की प्रैक्टिस कर रही आइशा ने महिलाओं के लिए एक ऐसी मिसाल पेश की है जो साहस और सूझबूझ का परिचय देने के साथ ही लोगों में जागरुक्ता का काम भी करती है।

दिल्ली के भजनपुरा इलाके में आयशा नाम की एक नेशनल लेवल की शूटर ने बदमाशों के चंगुल से अपने देवर को ना केवल छुड़ाया बल्कि बदमाशों के पैर पर गोली मारकर उनको भी पुलिस के हवाले कर दिया। आयशा अपने पति फलक शेर आलम के साथ कार्यक्रम में गई हुई थी। इसी दौरान उनके बड़े देवर का फोन आया जिसमें उन्होंने इनसे 25 हजार रुपए मांगे। उन्होंने बताया कि छोटे भाई आसिफ को किसी ने किडनैप कर लिया है। आसिफ दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट है और पार्ट टाइम कैब भी चलाते हैं। उन्होंने दो पैसेंजर्स रफी और आकाश को दरियागंज से बैठाया। उन्हें भोपुरा जाना था लेकिन उन्होंने अपना रूट बदल लिया।

जानकारी के मुताबिक आसिफ ने जब इसका विरोध किया तो उसे धमकाया गया। दोनों बदमाश उसे किडनैप करके भोपरा बॉर्डर के पास ले गए। वहां उन्होंने उसके साथ मारपीट और लूटपाट की जब इससे भी जी नहीं भरा तो उन्होंने आसिफ के घरवालों को कॉल करके 25 हजार रुपए की फिरौती मांगी। घरवाले एक तय जगह पर फिरौती की रकम पहुंचाने के लिए पहुंचे।

परिजनों के साथ आयशा भी साथ में उस जगह गई थी। परिजनों की गाड़ी जब बदमाशों के पास पहुंची तो उन्होंने पैसे ले लिए और आसिफ को छोड़ने के लिए जैसे ही गाड़ी का दरवाजा खोली। तभी अचानक से एक गोली एक बदमाश की कमर में तो दूसरे के पैर में जा कर लगी। यह गोली किसी और ने नहीं बल्कि नेशनल लेवल की शूटर आयशा फलक ने चलाई थी। उसने पर्स में अपनी पिस्टल रखी हुई थी।

33 वर्षीय आयशा फलक के पास लाइसेंसी पिस्टल है। उसे वह हमेशा अपने पर्स में रखती है। आयशा ने बताया कि उसे इस तरह फायरिंग करते देख आसिफ हैरान था। वह तुरंत उनके पास भागता हुआ आया। वह डर के मारे कांप रहा था। वह भी कांप रही थीं, लेकिन उन्हें खुशी थी कि बदमाश पकड़े गए। पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected By Awaaz Times !!