चुनाव आयोग ने खारिज किया नकली ईवीएम से छेड़छाड़ का आप का दावा

आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में ईवीएम में छेड़छाड़ हो सकने का दावा कर भ्रष्टाचार के मुद्दे से ध्यान हटाने की पूरी कोशिश की.

लेकिन चुनाव आयोग ने नकली ईवीएम के डेमो (प्रस्तुतिकरण) से असली में भी छेड़छाड़ हो सकने के दावे को खारिज कर दिया. आयोग ने इस मुद्दे पर पहले ही 12 मई को सभी दलों की बैठक बुला रखी है.

आयोग ने इसी माह ईवीएम में छेड़छाड़ साबित करने के लिए खुला अवसर देते हुए ‘ईवीएम हैकाथन” भी रखा है. पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर आप विधायक सौरभ भारद्वाज नकली ईवीएम में छेड़छाड़ का डेमो देकर उसे विधानसभा के रिकॉर्ड में दर्ज करा दिया.

उन्होंने दावा किया कि ईवीएम का सीक्रेट कोड बदलकर पसंदीदा पार्टी का बटन दबा देने से उसके बाद के सारे वोट उसी पार्टी को मिलेंगे. उन्होंने कहा कि आयोग की ईवीएम का मदरबोर्ड डेढ़ मिनट में बदला जा सकता है.

इस तरह दिखाई छेड़छाड़

भारद्वाज का दावा है कि ईवीएम में हर पार्टी का एक सीक्रेट कोड होता है. -कोई भी वोटर यदि अपनी पसंद की पार्टी का सीक्रेट कोड डाल दे तो उसके बाद दिए जाने वाले सारे वोट उसी पार्टी को जाएंगे. -ईवीएम जैसी एक मशीन से उन्होंने आप को 10, बसपा को दो, कांग्रेस को दो, भाजपा को तीन और सपा को दो वोट दिए. -भाजपा का कोड डालकर बताया कि किस तरह उसे 11, जबकि बाकी सभी पार्टियों को दो-दो वोट ही मिले.

ईवीएम में नहीं होता सीक्रेट कोड

चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है ईवीएम में सीक्रेट कोड नहीं होता है. इनका मदर बोर्ड बदला नहीं जा सकता है. किसी भी मशीन का बटन वोटर सिर्फ एक बार दबा सकता है. -सीक्रेट कोड बदलने व वोट देने के लिए दो बार बटन दबाना पड़ेगा, जो असंभव है.

देश और लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा है. आयोग हमें उसकी ईवीएम दे दे तो 90 सेकंड में हम उसका मदर बोर्ड बदल देंगे.

अरविंद केजरीवाल, आप संयोजक

ये कल बोलेंगे कि जनता की अंगुली में गड़बड़ी है, गलत बटन दबा देती है. केवल एक आदमी की इज्जत बचाने लिए यह तमाशा रचा जा रहा है.

कपिल मिश्रा, आप विधायक

ईवीएम में छेड़छाड़ संभव नहीं है. बटन एक बार ही दबेगा. मदर बोर्ड से छेड़छाड़ करने पर एरर हो जाएगी. मशीन बंद हो जाएगी.

अजीत गवाड़े, सीईओ, सिग्नल सर्किट

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