दरभंगा में पुलिस फायरिंग में महादलित युवक की मौत, आधे दर्जन घायल, स्थिति तनावपूर्ण

बिहार के दरभंगा में बहेड़ी थाना क्षेत्र के हावीडीह गांव में विवादित जमीन पर शव दफनाने को लेकर दो गुटों के बीच हुए विवाद ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया. आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर रोड़ेबाजी की तथा बज्रवाहन को आग के हवाले कर दिया. स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया और अश्रु गैस के गोले दागे. इसी बीच एसडीओ के बॉडी गार्ड ने अपने कार्बाइन से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. फायरिंग के बाद कोहराम मच गया. लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे. गोली लगने से एक महादलित युवक की मौत हो गयी, वहीं तीन लोग घायल हो गये. घायलों का इलाज डीएमसीएच में चल रहा है.

भगदड़ में भी दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है. पुलिस ने मृतक विजय राम (21) के शव को कब्जे में लेकर आनन-फानन में पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया. स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह व एसएसपी सत्यवीर सिंह घटनास्थल पर स्वयं कैंप किये हुए हैं. पूरा इलाका पुलिस छाबनी में तब्दील कर दिया गया है.

जानकारी के अनुसार जमीन को लेकर दोनों गुटों में अरसे से विवाद चल रहा है. एक गुट इसे भूदान में मिला जमीन बता रहा है, तो दूसरा गुट इसे कब्रिस्तान का जमीन बता रहा है. इसी बीच रविवार को राईन समाज के अली हसन (70) की मृत्यु हो गयी. लोग अली हसन के शव को उसी विवादित जमीन पर दफनाने पहुंचे. दलित समुदाय के लोगों ने शव दफनाने से रोक दिया. घटना की जानकारी होने के बाद पुलिस वहां पहुंची, लेकिन सुलह नहीं हो पाया. रात होने पर पुलिस लौट गयी.

वहीं अली हसन का जनाजा भी पड़ा रहा. इस बीच सोमवार की सुबह भारी पुलिसिया बंदोबस्त के बीच शव दफनाने की कोशिश की गयी. विवाद बढ़ने पर डीएम व एसएसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे. दोनों पदाधिकारी विवाद सलटाने का प्रयास कर ही रहे थे, कि दूसरे पक्ष के लोग उग्र हो कब्रिस्तान की ओर बढ़ने लगे. लोगों को कब्रिस्तान की ओर आने से पुलिस ने मना किया. इसपर लोगों ने रोड़ेबाजी शुरू कर दी. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि लोग आक्रोशित होकर हो-हंगामा जरूर कर रहे थे, पथराव नहीं किया जा रहा  था. लोगों का कहना है कि इसी बीच एसडीओ ने अपने बॉडीगार्ड को फायर का आदेश दे दिया. एसडीओ के आदेश पर बॉडीगार्ड ने भीड़ पर अंधाधुंध फायरिंग की. इसमें एक की मौत हो गयी वहीं तीन घायल हो गये.

कब्रिस्तान की बाहर की जमीन पर विवाद को लेकर शव दफनाने से रोका गया. दोनों पक्षों के साथ बैठक कर विवाद को सुलझाया जा रहा था. इसी बीच महादलित समुदाय के करीब छह-सात सौ लोगों ने रोड़ेबाजी शुरू कर दी. स्थिति पर नियंत्रण के लिए पहले लाठी चार्ज फिर आंसू गैस छोड़ा गया. इसी बीच एक रोड़ा एसडीओ सदर के बॉडी गार्ड को लग गयी. बॉडी गार्ड ने बिना किसी के आदेश पर कार्बाइन से ब्रस्ट फायर कर दिया. रैपिड फायर में 25 राउंड गोली चली. इसमें एक युवक की मौत हो गयी. वहीं दो बच्चे व एक महिला को गोली लगी है. मृतक के परिजन को 11 लाख रुपये तथा उसकी विधवा को प्रतिमाह 11 हजार रुपया दिया जाएगा.

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