पूरे देश में लागू होना चाहिए गोहत्या के खिलाफ कानून – मोहन भागवत

देश में गोहत्या पर हिंसा की खबरे अक्सर आती रहती हैं। कई लोगों को हिंसात्मक विरोध के चलते अपनी जान तक गवानी पड़ी है। गोहत्या पर कानून बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही है। देश में गोहत्या के बीच मचे घमासान के बीच अब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान सामने आया है। महावीर जयंती पर आयोजित हुए कार्यक्रम में शिरकत करने दिल्ली पहुंचे मोहन भागवन ने गोहत्या पर कानून बनने की मांग पर जोर दिया है। साथ ही उन्होंने गोहत्या के विरोध में की जाने वाली हिंसा की भी कड़े शब्दों में निंदा की है।

भागवत के उन्होंने कहा कि गोवध के नाम पर कोई भी हिंसा उद्देश्य को नुकसान पहुंचाती है, कानून का हर हाल में पालन किया जाना चाहिए। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि कानून का पालन करते हुए गाय की रक्षा करने का काम जारी रहना चाहिए। भागवत का यह बयान उस वक्त आया है जब तथाकथिक गोभक्तों द्वारा राजस्थान में एक व्यक्ति की हत्या करने से पूरे देश में राजनीतिक भूचाल मचा हुआ है।

बता दें कि राजस्थान के अलवर में गाय ले जा रहे कुछ लोगों पर हमला कर दिया था। हरियाणा के रहने वाले 15 लोग छह गाड़ियों में गायों को लेकर जा रहे थे। उसी दौरान बहरोड के पास इन पर हमला कर दिया गया। मारपीट के दौरान 50 साल के पहलू खान (55) को गंभीर चोट लगी थी और इलाज़ के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। पुलिस का कहना था कि पहलू खान और उनके चार अन्‍य सहयोगियों ने गाय को खरीदने संबंधी दस्‍तावेज भी पेश किए लेकिन इसके बावजूद उनकी पिटाई कर दी गई। इस मुद्दे को लेकर संसद में कांग्रेस समेत कई विरोधी दलों ने मोदी सरकार पर हमले किए थे।

मोहन भागवत का गोहत्या पर दिया गया ये बयान इस लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्सर ये कहा जाता है कि देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर लिए जाने वाले फैसलों पर उनका दखल रहता है। कई बार सरकार पर ये आरोप भी लग चुके हैं कि वो संघ के इशारे पर काम करती है। अब देखना ये होगा कि मोहन भागवत की गोहत्या पर कानून बनाए जाने की बात को सरकार किस रूप में लेती है।

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